मुख्यमंत्री : बिहार के 15वें मुख्यमंत्री रामसुंदर दास, जिनकी सरकार को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बर्खास्त कर दिया

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: बिहार के अब तक के सभी मुख्यमंत्रियों के बारे जानना चाहते हैं तो हमारी मुख्यमंत्री सीरीज से जुड़े रहें। आज हम बात कर रहे हैं राज्य के 15वें मुख्यमंत्री रामसुंदर दास के बारे में। चलिए जानते हैं किन हालात में वह मुख्यमंत्री बने और कैसे उन्हें उनके पद से हटाया गया।

बिहार के सभी मुख्यमंत्रियों पर हमारी सीरीज 'मुख्यमंत्री' के तहत आज बात 15वें मुख्यमंत्री रामसुंदर दास तक पहुंच गई है। रामसुंदर दास की बात हो रही है तो उनसे पहले मुख्यमंत्री रहे कर्पूरी ठाकुर के इस्तीफे को लेकर भी चर्चा होगी ही। रामसुंदर दास ने 21 अप्रैल 1979 को बिहार के 15वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। लेकिन इससे पहले आरक्षण और भूमि सुधार जैसे मुद्दों पर कर्पूरी ठाकुर की सरकार और जनता पार्टी में असंतोष फैला और वह अलोकप्रिय हो गए। पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने हालात का जायजा लेने के लिए समर गुहा को पटना भेजा और उन्होंने एक-एक विधायक से बात की। बस फिर क्या था कर्पूरी ठाकुर को इस्तीफा देना पड़ा और वह भूतपूर्व हो गए। इसके बाद नए नेता का चुनाव होना था। बिहार में पार्टी के अध्यक्ष सत्येंद्र नारायण सिंह सबसे बड़े नेता थे, लेकिन उन्होंने स्वयं ही सोनपुर के विधायक रामसुंदर दास का नाम आगे बढ़ा दिया। रामसुंदर दास के नाम पर सभी गुटों ने हामी भर दी। लेकिन कर्पूरी ठाकुर ने सत्येंद्र नारायण के करीबी रहे जगेश्वर मंडल का नाम आगे बढ़ा दिया। हालांकि, जगेश्वर पीछे हट गए और बिना वोटिंग के फैसला हो गया। इस तरह रामसुंदर दास का मुख्यमंत्री बनना तय हो गया और 21 अप्रैल को उन्होंने शपथ भी ले ली।

15th CM of Bihar Ramsundar Das.

बिहार के वह मुख्यमंत्री, जिन्हें पीएम इंदिरा गांधी ने बर्खास्त किया

कौन थे बिहार के 15वे मुख्यमंत्री रामसुंदर दास

रामसुंदर दास का जन्म सारण जिले में सोनपुर इलाके के गंगाजल नामक गांव में 9 जनवरी 1921 को हुआ था। उनके पिता दैनिक मजदूर थे। रामसुंदर दास ने सोनपुर और कोलकाता में अपनी पढ़ाई की। 1945 में वह पढ़ाई छोड़कर आजादी की लड़ाई में भी कूद पड़े। बाद में टीचर बने और समाजवादी धड़े की राजनीति करने लगे। वह आचार्य नरेंद्र देव की प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से जुड़ गए।

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