Uttarakhand BJP candidates List : बीजेपी ने जारी की उम्मीदवारों की एक और लिस्ट, पूर्व सीएम की बेटी को मिला टिकट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 26, 2022, 10:29 PM IST

Uttarakhand BJP candidates List : उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए बीजपी ने एक और लिस्ट जारी की। इस लिस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी की बेटी को भी टिकट दिया गया है।

Uttarakhand BJP candidates List : बीजेपी ने जारी की उम्मीदवारों की एक और लिस्ट, पूर्व सीएम की बेटी को मिला टिकट

Uttarakhand BJP candidates List : उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने 9 उम्मीदवारों की सूची जारी की। पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी की बेटी रितु भूषण खंडूरी कोटद्वार से चुनाव लड़ेगी। बीजेपी ने 2017 के चुनाव में कोटद्वार से जीत दर्ज की थी। हरक सिंह रावत ने यहां से चुनाव जीता था। रावत ने अब कांग्रेस का दामन थाम लिया है। ऋतु खंडूरी ने पिछले चुनाव में यमकेश्वर से जीत दर्ज की थी। पार्टी इससे पहले 59 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुकी है। इस सूची में खंडूरी का नाम नहीं था। बीजेपी अब तक 68 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर चुकी है। उत्तराखंड की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए एक ही चरण में 14 फरवरी को मतदान होना है।

बीजेपी ने केदारनाथ से शैलारानी रावत, हल्द्वानी से जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला, झबरेड़ा से राजपाल सिंह, पिरंकलियार से मुनीश सैनी, रानीखेत से प्रमोद नैनवाल, जागेश्वर से मोहन सिंह मेहरा, लालकुंआ से मोहन सिंह बिष्ट और रुद्रपुर से शिव अरोड़ा को अपना उम्मीदवार बनाया है।

जिन दो सीटों पर बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की है, उनमें डोइवाला और टिहरी सीट भी शामिल हैं। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत वर्तमान विधानसभा में डोइवाला सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा को पत्र लिखकर विधानसभा चुनाव ना लड़ने की इच्छा जताई थी।
 

चुनाव में राज्य की सत्तारूढ बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच एक बार फिर कड़ी टक्कर होने की संभावना है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि पहली बार राज्य में चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी (आप) भी कुछ सीटों पर दोनों दलों के समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और पृथक राज्य आंदोलन का अगुआ रहा उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) भी अपना खोया प्रभाव दोबारा पाने के लिए प्रयासरत हैं।

वर्ष 2000 में अस्तित्व में आए उत्तराखंड राज्य की जनता ने कभी भी किसी राजनीतिक दल को दोबारा सत्ता नहीं सौंपी है। भाजपा इस बार के चुनाव में इस मिथक को तोड़ने का दावा कर रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 57 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी जबकि कांग्रेस को 11 सीटों पर जीत मिली थी। दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी।

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