UP Elections 2022 : काशी में मोदी, जौनपुर में अखिलेश, चुनावी समर में दोनों दे रहे संदेश 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 14, 2021, 01:54 PM IST

UP Assembly Elections 2022 : यूपी चुनाव में भाजपा इस बार 2017 जैसा अपना प्रदर्शन दोहराना चाहती है। काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करने आए प्रधानमंत्री मोदी की योजना अपनी इस यात्रा के जरिए यूपी चुनाव के लिए भाजपा के सांस्कृतिक एजेंडे को और धार देने की है।

UP Elections 2022 : काशी में मोदी, जौनपुर में अखिलेश, चुनावी समर में दोनों दे रहे संदेश 
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वाराणसी : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दल पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुके हैं। वादों को जरिए मतदाताओं को रिझाने और आरोप-प्रत्यारोप से अपने विरोधी को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश हो रही है। प्रतीकों, संकेतों के माध्यम से राजनीतिक संदेश देने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिन के दौरे पर वाराणसी में हैं। आज उनका दौरे का आखिरी दिन है। मंगलवार को उन्होंने यूपी के भाजपा पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बताया जा रहा है कि इस बैठक में यूपी की चुनावी रणनीति पर मंथन हुआ। इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डी, भाजपा के राष्टीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष, यूपी के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।  

'विजय रथ' यात्रा पर हैं अखिलेश

यूपी में भाजपा का मुख्य मुकाबला समाजवादी पार्टी से है। इस बार सत्ता में वापसी के लिए सपा अपना पूरा दम-खम लगा रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी 'विजय रथ' यात्रा पर हैं। अपनी इस यात्रा के छठवें चरण में अखिलेश की यात्रा मंगलवार को जौनपुर से रवाना होगी। पीएम मोदी वाराणसी में हैं तो अखिलेश आज जौनपुर में। वाराणसी और जौनपुर एक दूसरे के करीब हैं और इनके बीच दूरी करीब 65 किलोमीटर है। पूर्वांचल के इन दो जिलों से भाजपा और सपा दोनों राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रही हैं। 

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सांस्कृतिक एजेंडे को और धार दे रही BJP

यूपी चुनाव में भाजपा इस बार 2017 जैसा अपना प्रदर्शन दोहराना चाहती है। काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करने आए प्रधानमंत्री मोदी की योजना अपनी इस यात्रा के जरिए यूपी चुनाव के लिए भाजपा के सांस्कृतिक एजेंडे को और धार देने की है। काशी में अपने दो दिनों के प्रवास के जरिए उन्होंने हिंदू समुदाय के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूती दी है। चुनाव के लिहाज से पूर्वांचल का इलाका भाजपा के लिए काफी अहमियत रखता है। पिछले विस चुनाव में भी भगवा पार्टी को इस इलाके से अच्छी-खासी सीटें मिली थीं। 

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जौनपर में 3 सीटें जीती थी सपा

सपा की अगर बात करें तो वह पूर्वांचल की ज्यादातर सीटों पर दूसरे स्थान पर रही। कुछ सीटों पर हार का उसका अंतर ज्यादा नहीं था। पूर्वांचल में अपने मुस्लिम-यादव वोट बैंक के अलावा सपा जातीय पार्टियों को अपने साथ लेकर आगे बढ़ रही है। इसके लिए उसने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया है। ओम प्रकाश राजभर की यह पार्टी पूर्वांचल की कई सीटों पर अपना प्रभाव रखती है। जौनपुर में विधानसभी की नौ सीटें हैं।

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इस बार सपा के साथ है राजभर की सुभासपा

पिछले चुनाव में भाजपा ने सुभासपा के साथ मिलकर यहां की 5 सीटों पर कब्जा जमाया था जबकि सपा के खाते में तीन सीटें गई थीं। इस बार राजभर सपा के साथ हैं। इसलिए अखिलेश यादव को लगता है कि पूर्वांचल में वह इस बार अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। जौनपुर से सटे जिलों गाजीपुर, बलिया, मऊ में सपा इस बार भाजपा को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में है।     

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