गोवा: कांग्रेस दिला रही उम्मीदवारों को वफादारी की कसम, घुमा रही मंदिर-मस्जिद-चर्च

गोवा में कांग्रेस पार्टी यह सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ कर रही है कि उसके उम्मीदवार जीतने के बाद अब पार्टी नहीं छोड़ेंगे। कांग्रेस उम्मीदवारों ने विभिन्न धार्मिक स्थलों का दौरा किया और लोगों और पार्टी के प्रति वफादारी का संकल्प लिया।

Goa Congress Candidates
गोवा कांग्रेस के उम्मीदवार ले रहे वफादारी की शपथ 

पार्टियों चुनाव लड़ने के लिए नेताओं को टिकट देती हैं। लेकिन कुछ पार्टियां ऐसी हैं जो टिकट देने के साथ साथ नेताओं को ये कसम भी दिला रही हैं कि चुनाव में जीत गए तो पार्टी छोड़कर ना चले जाना। गोवा में कांग्रेस कुछ ऐसा ही कर रही है। वहां कैसे कांग्रेस अपने उम्मीदवारों को वफादारी की कसमें दिला रही हैं। ये गोवा में दलबदल का सच है। कांग्रेस ने टिकट तो दे दिया है, लेकिन उन्हें उम्मीदवारों पर भरोसा नहीं है। वो अपने उम्मीदवारों को मंदिर-मस्जिद-चर्च में घुमा रही है। उम्मीदवारों को कसम दिला रही है कि चुनाव जीतने पर वो पार्टी के प्रति वफादार रहेंगे और पार्टी छोड़कर नहीं जाएंगे। कांग्रेस के 36 उम्मीदवारों ने भगवान की कसम खाई है। कांग्रेस उम्मीदवारों ने महालक्ष्मी मंदिर, बम्बोलिम क्रॉस चर्च और हमजा शाह दरगाह में शपथ ली।

दरअसल, गोवा में यह कहा जा रहा है कि अगर कोई कांग्रेस को वोट देगा तो वो बीजेपी को जाएगा। आम आमदी पार्टी और TMC यही कह रहे हैं। कांग्रेस को वोट देना बीजेपी को वोट देने जैसा है। गोवा में वोटरों के बीच गलत संदेश ना जाए इसलिए कांग्रेस उम्मीदवारों को शपथ दिलवा रही है। कांग्रेस को डर है कि इस बार कहीं 2017 जैसी हालात ना हो जाए। 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस सरकार नहीं बना पाई थी। 

40 सीटों वाले गोवा में कांग्रेस को 17 सीटें मिलीं थी, बीजेपी को 13 सीटें, इसके अलावा गोवा फारवर्ड पार्टी और महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी) को 3-3 सीटें और 3 निर्दलीय विधायकों को जीत मिली। एक सीट NCP के खाते में आई। कांग्रेस-बीजेपी दोनों ही बहुमत के आंकड़े से दूर थे, लेकिन कांग्रेस से पहले बीजेपी ने समर्थन जुटा लिया और सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस सरकार नहीं बना पाई। इन पांच सालों में कांग्रेस के 17 में से 15 विधायक पार्टी छोड़कर बीजेपी में जा चुके हैं। इस डर से कांग्रेस अपने उम्मीदवारों को कसम दिला रही है। 

वैसे गोवा में नेताओं को पार्टी ना छोड़ने की कसम दिलवाने का आइडिया कांग्रेस को गोवा फॉरवर्ड पार्टी से मिला, जिसने पिछले साल अपने तीन विधायकों को और पदाधिकारियों को शपथ दिलवाई कि वो 2022 के चुनाव में बीजेपी का समर्थन नहीं करेंगे। ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 5 साल में गोवा के 60% विधायक दलबदल कर चुके हैं। 5 साल में गोवा के 40 में से 24 विधायकों ने पार्टी बदल दी है। सबसे ज़्यादा कांग्रेस के 17 में से 15 विधायकों ने दलबदल किया है।

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