चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, 5 चुनावी राज्यों में रैलियों-सभाओं पर बैन 31 जनवरी तक बढ़ा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 22, 2022, 06:44 PM IST

चुनाव आयोग ने कोरोना के हालात की समीक्षा के बाद शनिवार को एक अहम फैसला लिया है। निर्वाचन आयोग ने चुनावी रैलियों-सभाओं पर बैन 31 जनवरी तक बढ़ा दिया है।

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, 5 चुनावी राज्यों में रैलियों-सभाओं पर बैन 31 जनवरी तक बढ़ा
Photo Credit: BCCL

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने चुनावी रैली और रोड शो पर पर लगी रोक को 31 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया है। कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पहले चरण के लिए 28 जनवरी से बैठक की इजाजत होगी जबकि दूसरे चरण के लिए 1 फरवरी से बैठक करने की मंजूरी दी है। वहीं डोर टू डोर कैंपेन के लिए 10 लोगों को इजाजत दी गई है जबकि पहले केवल पांच लोगों को इजाजत थी। 28 जनवरी से उम्मीदवार और पार्टियां बैठक कर सकेंगे।

डोर-टू-डोर कैंपेन में राहत

निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को एक राहत दी है और उसके तहतने डोर-टू-डोर कैंपेन के दौरान अब पांच की जगह 10 लोग साथ जा सकेंगे। इंडोर में मीटिंग के लिए 500 या हॉल की क्षमता के अनुसार 50% तक की मंजूरी दी है लेकिन इसके लिए नियम तय हे जिसके तहत पहले जिला चुनाव आयोग से पहले इस संबंध में मंजूरी लेना अनिवार्य होगा और कोविड नियमों का पालन करना होगा। निर्वाचन आयोग फैसले पर पहुंचने से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, विशेषज्ञों, चुनाव वाले पांच राज्यों और संबंधित राज्यों के मु्ख्य निर्वाचन अधिकारियों से परामर्श करने के लिए डिजिटल बैठक की थी।

पहले 15 जनवरी तक जारी था प्रतिबंध

आठ जनवरी को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में चुनावों की तारीखों की घोषणा करते हुए, निर्वाचन आयोग ने 15 जनवरी तक भौतिक रैलियों, रोड और बाइक शो और इसी तरह के प्रचार कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। आयोग ने 15 जनवरी को इन प्रतिबंधों की अवधि 22 जनवरी तक बढ़ा दी थी। हालांकि, उसने सभागार की 50 प्रतिशत क्षमता या अधिकतम 300 लोगों के साथ बैठक करने की राजनीतिक दलों को अनुमति दी थी।

End of Article