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Amethi Raebareli Congress Candidates: कांग्रेस ने जारी की लिस्ट, रायबरेली से चुनाव लड़ेंगे राहुल गांधी

Amethi Raebareli Congress Candidates: अमेठी व रायबरेली में लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। रायबरेली से राहुल गांधी चुनाव लड़ेंगे तो अमेठी से केएल शर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है। दोनों आज ही नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन के दौरान राहुल गांधी के साथ सोनिया गांधी भी मौजूद रह सकती हैं।

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Rahul Gandhi-KL Sharma

Amethi Raebareli Congress Candidates: अमेठी व रायबरेली में लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। रायबरेली से राहुल गांधी चुनाव लड़ेंगे तो अमेठी से केएल शर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है। केएल शर्मा को गांधी परिवार का करीबी माना जाता है। दोनों आज ही नामांकन दाखिल करेंगे।

बता दें, पांचवे चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की आज आखिरी तारीख है। पांचवे चरण के मतदान 20 मई को होंगे, इसमें अमेठी व रायबरेली जैसी हॉटसीटें भी शामिल हैं। दोनों सीटों पर कांग्रेस का मुकाबला बीजेपी उम्मीदवारों से होगा। बीजेपी ने जहां स्मृति ईरानी को फिर से अमेठी से मैदान में उतारा है तो रायबरेली में दिनेश प्रताप सिंह को उम्मीदवार घोषित किया गया है।

राहुल गांधी के साथ सोनिया भी रह सकती हैं मौजूद

सूत्रों ने कहा कि राहुल गांधी के साथ सोनिया गांधी भी शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिल करने के वक्त मौजूद रह सकती हैं। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी की नजदीकी रिश्तेदार एवं कांग्रेस की पूर्व नेता शीला कौल के पौत्र को वैकल्पिक उम्मीदवार के तौर पर तैयार रखा गया है। बता दें, सोनिया गांधी ने वर्ष 2004 से 2024 तक रायबरेली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि वह अब राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गई हैं। रायबरेली राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी का पारंपरिक निर्वाचन क्षेत्र रहा है।

दिनेश प्रताप सिंह का राहुल गांधी से होगा मुकाबला

रायबरेली लोकसभा सीट पर राहुल गांधी का मुकाबला भाजपा उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह से होगा। दिनेश प्रताप सिंह ने 2019 में सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, हालांकि वह एक लाख से ज्यादा वोटों से हार गए थे। बीजेपी ने इस बाद दिनेश प्रताप सिंह पर भरोसा जताया है। सोनिया गांधी के इस सीट को छोड़ने के बाद सभी की नजर रायबरेली पर हैं।

अमेठी में केएल शर्मा बनाम स्मृति ईरानी

अमेठी में कांग्रेस उम्मीदवार केएल शर्मा का मुकाबला स्मृति ईरानी से होगा। राहुल गांधी की पारंपरिक सीट अमेठी पर 2019 में भारी उलटफेर हुआ था। यहां स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को हराया, जिसके बाद कांग्रेस नेता वायनाड चले गए। माना जा रहा था 2024 में एक बार फिर स्मृति ईरानी बनाम राहुल गांधी मुकाबला देखने को मिल सकता है। हालांकि, कांग्रेस ने केएल शर्मा पर दांव खेला है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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