क्या है FMGE? एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट के लिए इस दिन से शुरू होंगे आवेदन, इन दस्तावेजों की होगी जरूरत

विदेश से एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त कर भारत आए मेडिकल ग्रेजुएट के लिए यहां प्रैक्टिस करने के लिए FMGE परीक्षा पास करना अनिवार्य है। लेकिन इस परीक्षा में शामिल होने के लिए पहले उन्हें एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट प्राप्त करना होगा, जिसके लिए आवेदन शेड्यूल जारी कर दिया गया है।

विदेश से एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई पूरी करके भारत लौटने वाले मेडिकल ग्रेजुएट छात्रों के लिए FMGE (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन-Foreign Medical Graduate Examination) एक बेहद महत्वपूर्ण परीक्षा है। आसान भाषा में इसे 'स्क्रीनिंग टेस्ट' भी कहते हैं। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। लेकिन आवेदन से पहले हर छात्र के लिए यह जानना जरूरी है कि इस परीक्षा का संचालन कौन करता है, यह परीक्षा उम्मीदवारों के लिए क्यों जरूरी है, इसका सर्टिफिकेट प्राप्त करने के बाद आप क्या कर सकते हैं। संक्षेप में FMGE है क्या और क्यों जरूरी है।

FMGE

FMGE परीक्षा क्यों है जरूरी है (Photo - AI)

FMGE क्यों जरूरी है?

FMGE यानी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन का आयोजन नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा किया जाता है। यह परीक्षा उन डॉक्टरों के लिए अनिवार्य है जो विदेश से मेडिकल डिग्री हासिल करने के बाद भारत में डॉक्टरी की प्रैक्टिस करना चाहते हैं या नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) व राज्य मेडिकल परिषदों में स्थायी या प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं। बिना FMGE परीक्षा पास किए और इसका पासिंग सर्टिफिकेट प्राप्त किए कोई भी विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट भारत में लीगल प्रैक्टिस नहीं कर सकता।

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