Ayush Singhal Jee Topper 2025 Success Story: मेहनत और सटीक रणनीति से क्या नहीं पाया जा सकता, जरूरत है लक्ष्य तक पहुंचने के लिए निश्चिय नहीं, दृढ़ निश्चय करने की। मिलिए जयपुर के मेधावी छात्र आयुष सिंघल से, जिन्होंने जेईई मेंस 2025 में टॉप किया है। बीते दिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जेईई मेंस 2025 रिजल्ट को जारी किया, इन परिणामों के साथ टॉपर्स लिस्ट भी शेयर की गई। बता दें, कुल 14 लोगों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल की है, और इन 100 पर्सेटाइल हासिल करने वालों में पांच अभ्यर्थी राजस्थान के हैं। आयुष सिंघल की रैंक AIR 1 है, पढ़ें इनकी सक्सेस स्टोरी
एनटीए जेईई मेन्स 2025 टॉपर आयुष सिंघल की सफलता की कहानी
JEE Mains 2025 Topper Ayush Singhal प्राइवेट क्लीनिक चलाने वाले के बेटे हैं। सत्र-1 की परीक्षा के लिए कुल 13,11,544 छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन किया था। इनमें से 12,58,136 (95.93 फीसदी) अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे।
Ayush Singhal Marks in Jee Mains 2025
आयुष ने फिजिक्स में 100 में से 100, केमिस्ट्री में 99.98 और मैथ्स में 99.99 स्कोर किया, लेकिन उन्हें ये नंबर सिर्फ पढ़ाई करके नहीं मिले, बल्कि कई बड़े त्याग भी किए, जैसे 3 साल से उन्होंने किसी फंक्शन को अटेंड नहीं किया।
Ayush Singhal कितने घंटे की पढ़ाई
आयुष कहते हैं, कि वे रोजाना 11 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे, गौरतलब जेईई मेंस भारत की सबसे कठिन परीक्षा में से एक है। उनका फेवरेट सब्जेक्ट साइंस है, इसलिए उन्होंने साइंस मैथ्स को चुना। वे अकेले भी पढ़ाई करते थे और ग्रुप स्टडी भी। उनका मानना है, दोनों की अपनी वैल्यू हैं, बल्कि अकेले पढ़ने से भी बेहतर है फ्रेंड्स के साथ पढ़ना, इससे डाउट उसी समय क्लियर हो जाते हैं।
Ayush Singhal का परिवार व गांव
JEE Mains 2025 Topper Ayush Singhal अलवर जिले के खेड़लीगंज कस्बे के रहने वाले है, लेकिन 15 साल से जयपुर मालवीय नगर गिरधर मार्ग पर रह रहे हैं। उनके पिता डॉ.राजीव सिंघल और माता डॉ.अनिता सिंघल दोनों ही डॉक्टर हैं। खुद का डेंटल क्लीनिक चलाते है। माता पिता चाहते कि आयुष भी उनकी तरह डॉक्टर बनें, लेकिन आयुष ने इंजीनियरिंग चुनी। हालांकि माता पिता ने भरपूर आयुष के इस निर्णरू का भरपूर साथ दिया।
Ayush Singhal ने दिया उम्मीदवारों को खास टिप्स
टॉपर आयुष सिंघल ने टाइम्स नाउ नवभारत पर खास बातचीत करते हुए कहा- मैं अपनी सक्सेस का क्रेडिट अपने पेरेंट्स, भाइयों, दादा-दादी और अपने टीचर्स को देना चाहता हूं, जिन्होंने मेरे कोचिंग संस्थान ने बहुत मदद की। मैं जेईई परीक्षा की तैयारी करने सभी उम्मीदवारों से कहना चाहता हूं कि पढ़ाई मन से करें, लेकिन यदि रिजल्ट सकारात्मक नहीं है, तो निराश न हों। आगे बढ़ना ही अच्छे स्टूडेंट की निशानी है। रही बात चुनौतियों की, तो अक्सर कठिन परीक्षाओं की तैयारी करते समय अलग अलग बधाएं आती है, ऐसे में टेंशन नहीं लें, कमियों पर काम करें और फिर कोशिश करते रहें।
