No Collateral or Guarantors, Know PM Vidyalaxmi Yojana Benefits in Hindi: उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना अब आर्थिक तंगी की वजह से अधूरा नहीं रहेगा। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना का उद्देश्य मेधावी छात्रों को बिना वित्तीय बाधा के उच्च शिक्षा तक पहुंच उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को आसान शर्तों पर शिक्षा ऋण, ब्याज में राहत और डिजिटल माध्यम से आवेदन की सुविधा दी जाती है। PM विद्यालक्ष्मी योजना के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को बिना गारंटी और बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है। देश के ऐसे छात्र, जिन्हें प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश तो मिल जाता है लेकिन आर्थिक कारणों से पढ़ाई जारी रखने में कठिनाई होती है, उन्हें इस योजना से बड़ी राहत मिलेगी। योजना के तहत पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, जिससे छात्रों को अलग-अलग बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। आवेदन, दस्तावेजों का सत्यापन और ऋण प्रक्रिया एक ही पोर्टल के माध्यम से पूरी की जा सकती है।
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के तहत, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्र शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इसके तहत योग्यता के आधार पर शीर्ष 1033 उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश पाने वाले छात्रों को बिना किसी गिरवी या गारंटी के ऋण प्रदान किया जाता है। सभी आय वर्ग के परिवारों के छात्र इस योजना का लाभ उठाने के पात्र होंगे।
योजना की पात्रता
सरकार ने पात्र छात्रों के लिए ब्याज में भी राहत का प्रावधान किया है। जिन परिवारों की वार्षिक आय 4.5 लाख रुपये तक है, उन्हें निर्धारित शर्तों के अनुसार शिक्षा ऋण पर पूर्ण ब्याज सहायता मिल सकती है। वहीं 4.5 लाख से 8 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के छात्रों को 10 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर मोरेटोरियम अवधि के दौरान 3 प्रतिशत ब्याज सबवेंशन का लाभ दिया जा सकता है।
कैसे मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ सभी छात्रों को स्वतः नहीं मिलता। इसके लिए छात्र का भारत का नागरिक होना, योजना में शामिल मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थान में मेरिट या निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर प्रवेश लेना और संबंधित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है। योजना का एक बड़ा लाभ यह भी है कि छात्र एक ही कॉमन एजुकेशन लोन आवेदन फॉर्म के माध्यम से कई बैंकों में आवेदन कर सकते हैं। इससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनती है। पोर्टल पर आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन ट्रैक की जा सकती है।
बिना गारंटी/सिक्योरिटी का लोन
छात्रों को पढ़ाई के लिए बिना किसी कोलेटरल (Collateral) या गारंटर के ऋण मिलेगा।
ब्याज में छूट (Interest Subvention)
जिन परिवारों की वार्षिक आय ₹8 लाख तक है, उन्हें ₹10 लाख तक के लोन पर मोरेटोरियम अवधि के दौरान 3% ब्याज सब्सिडी मिलेगी। जिन परिवारों की वार्षिक आय ₹4.5 लाख तक है, उन्हें तकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए ₹10 लाख तक के लोन पर 100% ब्याज सब्सिडी प्राप्त होगी।
क्रेडिट गारंटी
₹7.50 लाख तक के ऋण पर सरकार द्वारा 75% तक की क्रेडिट गारंटी प्रदान की जाती है, जिससे बैंकों को छात्रों को लोन देने में आसानी होती है। छात्रों को ट्यूशन फीस और हॉस्टल सहित शिक्षा से जुड़े सभी खर्चों के लिए 100% तक फाइनेंस की सुविधा मिलती है।
शून्य प्रोसेसिंग शुल्क
इस योजना के तहत शिक्षा ऋण के लिए किसी भी प्रकार का अपफ्रंट या प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन, सरल और पारदर्शी है। राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) के शीर्ष गुणवत्ता वाले शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने वाले सालाना 22 लाख से अधिक छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के लाभ
छात्रों के लिए कितनी मददगार
यदि पात्र छात्र समय रहते आवेदन करें और सभी आवश्यक दस्तावेज सही ढंग से जमा करें, तो उन्हें उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी। सरकार का उद्देश्य भी यही है कि प्रतिभाशाली छात्रों की पढ़ाई सिर्फ आर्थिक कारणों से बीच में न रुके और उन्हें अपने करियर को नई उड़ान देने का पूरा अवसर मिल सके। बढ़ती शिक्षा लागत के दौर में यह योजना लाखों विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित हो सकती है। खासकर ऐसे परिवार, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं लेकिन अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा दिलाना चाहते हैं, उन्हें इससे बड़ा सहारा मिलेगा।
