NEET UG 2026: नीट काउंसलिंग में क्या है ऑल इंडिया कोटा और स्टेट कोटा? आवेदन से पहले दोनों में अंतर जानना जरूरी

NEET UG 2026: नीट परीक्षा पास करने के बाद अब काउंसलिंग का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में छात्रों को ऑल इंडिया कोटा और स्टेट कोटा के और इनके बीच के अंतर के बारे में जानना जरूरी है। ताकि वह इस प्रक्रिया में हिस्सा लेकर मेडिकल की अपनी सीट पक्की कर सकें।

NEET UG 2026: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की परीक्षा पास करने के बाद सभी सफल अभ्यर्थियों का अगला और सबसे महत्वपूर्ण कदम काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश पाने के लिए केवल अच्छी रैंक हासिल करना ही काफी नहीं है, बल्कि काउंसलिंग के दौरान सही कोटा चुनना भी बेहद जरूरी है।

NEET UG 2026

NEET UG 2026 (Photo- AI)

बता दें कि नीट काउंसलिंग प्रक्रिया मुख्य रूप से दो हिस्सों में बंटी हुई है — ऑल इंडिया कोटा (AIQ) और स्टेट कोटा। कई बार छात्रों को इन दोनों के बीच सही अंतर और नियमों की जानकारी नहीं होती, जिससे वे अपने पसंदीदा कॉलेज की सीट गंवा बैठते हैं। इसलिए ऑल इंडिया कोटा और स्टेट कोटा की आवेदन प्रक्रिया, सीटों के प्रतिशत और योग्यता से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में हर मेडिकल कोर्स में एडमिशन लेने वाले छात्रों को समझना जरूरी है।

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