NEET विवाद के बाद NTA किन बदलावों पर काम कर सकता है? AI और biometric से कैसे होगा 'पेपर लीक प्रूफ'

देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा NEET के पेपर लीक मामले के बाद एनटीए द्वारा पेपर को लीक प्रूफ बनाने के लिए टेक्नोलॉजी में बदलाव किए जा सकते हैं। इसमें बायोमेट्रिक्स और एआई का सहाला लिया जा सकता है।

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के पेपर लीक विवादों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों खर्च करने तैयार की गई हाई-सिक्योरिटी पर सेंध लगने से इसे तकनीक को और अधिक अभेद्य बनाने की जरूरत महसूस होने लगी है। हालिया परिस्थितियों को देखते हुए, NTA अब एक ऐसे "डिजिटल किले" के निर्माण की ओर बढ़ रहा है। टेक्नोलॉजी में बदलाव करने की तैयारी की जा रही है, जहां इंसान की जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बायोमेट्रिक पहरेदारी करेंगे। आइए जानते हैं NEET Paper Leak और एग्जाम कैंसिल होने के बाद सुरक्षा और कड़ी करने और परीक्षा को पूरी तरह से लीक प्रूफ करने के लिए किया जा सकता है।

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NEET विवाद के बाद NTA किन बदलावों पर काम कर सकता है

बायोमेट्रिक्स से डमी कैंडिडेट्स की एंट्री होगी बैन

पेपर लीक का एक बड़ा हिस्सा 'इम्पर्सनेशन' (दूसरे की जगह परीक्षा देना) से जुड़ा होता है। इसे आसान भाषा में डमी कैंडिडेट्स भी कहा जाता है। इसे रोकने के लिए बायोमेट्रिक्स सबसे अचूक हथियार है। इसके साथ ही आधार-लिंक्ड ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल आज भी किया जाता है। लेकिन इसे तकनीकी रूप से और दुरुस्त किया जाएगा। एग्जाम सेंटर पर एंट्री के वक्त केवल एडमिट कार्ड काफी नहीं रहेगा। छात्र के फिंगरप्रिंट और आईरिस (आंखों की पुतली) का मिलान सीधे आधार डेटाबेस से किया जा सकता है।

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