Sep 28, 2026

सिक्कों के किनारे क्यों होती हैं ये धारियां? जान लें इसके होने की असली वजह

Pankaj Yadav

​सिक्के के किनारे ये लाइनें क्यों?​

सिक्के को ध्यान से देखेंगे तो किनारे पर छोटी-छोटी धारियां नजर आएंगी लेकिन क्या आप जानते हैं, इन्हें बनाने की असली वजह क्या है?

Credit: iStock

​सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं​

सिक्के के किनारे बनी इन धारियों को (रीडिंग या फिर मिल्ड एज) Reeding या Milled Edge कहा जाता है। इनका इतिहास काफी दिलचस्प है।

Credit: iStock

​कभी होती थी सिक्कों की चोरी​

पुराने समय में सोने और चांदी के सिक्के चलते थे। कुछ लोग सिक्के के किनारे से थोड़ा-थोड़ा कीमती धातु काट लेते थे।

Credit: iStock

​इसे कहते थे ‘Coin Clipping’​

धातु काटने के बाद सिक्का देखने में लगभग वैसा ही रहता था और उसे पूरी कीमत पर चलाया जा सकता था। काटी गई सोने-चांदी की धातु अलग से बेच दी जाती थी।

Credit: iStock

You may also like

पेड़ों पर बना लेते हैं अपना घर, पूरी दुन...
कुत्ते से भी कई गुना तेज है भालू की नाक,...

​फिर आया धारियों वाला सिक्का​

इस धोखाधड़ी को पकड़ने के लिए सिक्कों के किनारों पर खास धारियां बनाई जाने लगीं। अगर कोई किनारा काटता, तो धारियों का पैटर्न तुरंत बिगड़ जाता।

Credit: iStock

​यानी सिक्का खुद बता देता था छेड़छाड़​

रीडेड किनारे ने दुकानदारों और लोगों के लिए सिक्के के साथ हुई छेड़छाड़ पहचानना आसान बना दिया। यही इसका सबसे बड़ा ऐतिहासिक फायदा था।

Credit: iStock

​ये तरीका सदियों पुराना है​

ब्रिटेन में 17वीं सदी से सिक्कों के किनारों पर मिल्ड पैटर्न का इस्तेमाल होने लगा था। इसका मकसद सिक्कों की कीमत और धातु को सुरक्षित रखना था।

Credit: iStock

​आज सोना-चांदी नहीं, फिर भी धारियां क्यों?​

आज रोजमर्रा के ज्यादातर सिक्के कीमती सोने-चांदी से नहीं बनते। फिर भी कई सिक्कों पर ये धारियां परंपरा और सिक्कों को पहचानने जैसे कामों के लिए बनी हुई हैं।

Credit: iStock

​उंगलियों से भी पहचान सकते हैं सिक्का​

सिक्के का किनारा छूकर उसके आकार और बनावट का अंदाजा लगाया जा सकता है। कुछ देशों में अलग-अलग किनारे लोगों को अलग मूल्यवर्ग के सिक्के पहचानने में मदद करते हैं।

Credit: iStock

इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स

Next: पेड़ों पर बना लेते हैं अपना घर, पूरी दुनिया से अलग जिंदगी जीते हैं यहां के लोग

ऐसी और स्टोरीज देखें