NDC Guidelines for Dental Colleges: देशभर के डेंटल कॉलेजों में पढ़ाई की गुणवत्ता और शैक्षणिक अनुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से नेशनल डेंटल कमीशन (NDC) ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं। नए नियमों के अनुसार अब पोस्टग्रेजुएट (PG) डेंटल छात्रों को विश्वविद्यालय की परीक्षा में शामिल होने के लिए कम से कम 80 प्रतिशत बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी। जिन छात्रों की बायोमेट्रिक अटेंडेंस निर्धारित सीमा से कम होगी, उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नई व्यवस्था से डेंटल कॉलेजों में नियमित उपस्थिति को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा। हालांकि, छात्रों को अब अपनी बायोमेट्रिक उपस्थिति पर विशेष ध्यान देना होगा, क्योंकि निर्धारित 80 प्रतिशत उपस्थिति पूरी न होने पर वे विश्वविद्यालय परीक्षा से वंचित हो सकते हैं।
डेंटल कॉलेजों में NDC ने लागू किया नया नियम
क्या कहना है आयोग का
आयोग का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य केवल उपस्थिति बढ़ाना नहीं, बल्कि डेंटल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना, छात्रों में अनुशासन विकसित करना और पूरे देश में पोस्टग्रेजुएट डेंटल शिक्षा के समान मानक सुनिश्चित करना है। आयोग का मानना है कि नियमित कक्षाओं और क्लिनिकल प्रशिक्षण में भागीदारी से छात्रों की व्यावहारिक दक्षता भी बेहतर होगी।
80 प्रतिशत अटेंडेंस जरूरी
एनडीसी ने स्पष्ट किया है कि इस नियम का पालन सभी डेंटल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को सख्ती से करना होगा। यदि किसी संस्थान द्वारा 80 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्र को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित संस्थान की होगी। आयोग ने कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिया है कि उपस्थिति रिकॉर्ड का नियमित सत्यापन किया जाए और सभी छात्रों की बायोमेट्रिक अटेंडेंस का सही रिकॉर्ड रखा जाए।
बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर निर्देश
जानकारी के अनुसार, इससे पहले भी डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (DCI) ने बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर निर्देश जारी किए थे। यह निर्णय विभिन्न राज्यों, विशेषकर राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ डेंटल कॉलेजों में छात्रों की कम उपस्थिति से संबंधित शिकायतों और उनकी समीक्षा के बाद लिया गया था। अब एनडीसी ने इन निर्देशों को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने का फैसला किया है।
