UP PCS Sanju Rani Verma Success Story: जब सपने बड़े होते हैं तो उन्हें पूरे किए बिना नींद नहीं आती है। जीवन में सफलता उन्हीं को मिलती है जो सपने पूरे करने के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार रहते हैं। यूपीएससी (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा पास करने के लिए लोग जुनूनी हो जाते हैं, तब कहीं जाकर सफल हो पाते हैं। आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS), पीसीएस (PCS) बनने के लिए मेहनत और लगन जरूरी है। आज हम आपको ऐसी ही एक महिला से मिलवाने जा रहे हैं जिसने अपने सपने पूरे करने के लिए परिवार तक छोड़ दिया। ये कहानी है मेरठ की रहने वाली संजू रानी वर्मा की। मेरठ की संजू रानी वर्मा की मां का देहांत हुआ तो वह पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही थीं। इसके बाद उन पर शादी का दवाब पड़ा तो वह इस फैसले का विरोध करते हुए घर से भाग गईं और 7 साल बाद PCS अफसर बनकर लौटी।
मेरठ की रहने वाली संजू रानी वर्मा की सक्सेस स्टोरी (IAS Success Story) काफी प्रेरित करने वाली और भावुक करने वाली है। PCS संजू रानी वर्मा की मां का देहांत हुआ तो वह मेरठ के आरजी डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही थीं। इसके बाद उन पर शादी करने का दबाव बढ़ा तो उन्होंने घर से चले जाने का फैसला किया। वह इस फैसले का विरोध करते हुए घर से भाग गईं और दिल्ली पहुंच गईं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में पीजी करने के लिए दाखिला लिया। संजू बताती हैं, 'उस साल (2013) में मैंने न केवल अपना घर छोड़ा बल्कि मुझे डीयू का अपना वह पीजी कोर्स भी छोड़ना पड़ा।'

Sanju Rani Verma PCS
साल 2018 में UPPCS में मिली सफलता
वह बताती हैं कि मैंने किराए पर एक कमरा लिया और बच्चों को पढ़ाने लगी। मैंने प्राइवेट स्कूलों में पार्ट टाइम टीचर के तौर पर भी पढ़ाया और साथ ही सिविल सेवा की तैयारी करती रहीं और साल 2018 में यूपी पीसीएस एग्जाम में सफलता हासिल की। इसके बाद 7 साल बाद वह अफसर बनकर घर पहुंची।
बनना चाहती हैं जिलाधिकारी
अब संजू वर्मा उत्तर प्रदेश सरकार में बतौर कॉमर्शियल टैक्स ऑफिसर कार्यरत हैं। संजू रानी वर्मा ने पीसीएस में सफल होने के बाद कहा था कि उनका लक्ष्य है जिलाधिकारी बनना। इसके लिए वह यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE) की तैयारी में जुटी हैं।
