नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG 2026) काउंसलिंग शुरू होने से ठीक पहले मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने देश भर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। अंडरग्रेजुएट (MBBS/BDS) और पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, आसान और छात्र-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से MCC ने अपने ऑनलाइन सॉफ्टवेयर और नियमों में कई बड़े बदलाव किए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य अभ्यर्थियों को बार-बार कॉलेजों के चक्कर काटने की परेशानी और अनावश्यक भागदौड़ से बचाना है। बता दें, NEET UG काउंसलिंग 2026 में 3 बड़े बदलाव हुए हैं।
MCC ने सीट अलॉटमेंट से पहले की बड़ी घोषणा, NEET UG 2026 काउंसलिंग में होंगे यह बदलाव (Image - chatGPT)
पहला: अपग्रेडेशन के लिए अलॉटेड कॉलेज जाना जरूरी नहीं
नए नियमों के अनुसार, यदि किसी छात्र को पहले राउंउ में सीट मिलती है और वह अगले राउंड में 'अपग्रेडेशन' (बेहतर सीट/कॉलेज पाने) का विकल्प चुनता है, तो उसे अपनी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए अलॉट किए गए संस्थान में भौतिक रूप से उपस्थित (Physical Reporting) होने की आवश्यकता नहीं होगी। आपका वर्तमान एडमिशन ऑटोमेटिक तरीके से तब तक वैध रहेगा, जब तक कि आपको नई सीट अलॉट नहीं हो जाती।
दूसरा: घर बैठे ऑनलाइन सीट विड्रॉल (सीट छोड़ने) की सुविधा:
सीट छोड़ने की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया गया है। अब छात्र तय समय सीमा के भीतर सीधे MCC काउंसलिंग पोर्टल (mcc.nic.in) पर जाकर ऑनलाइन मोड में अपनी सीट छोड़ने का अनुरोध कर सकते हैं। इसके लिए अलॉटेड मेडिकल कॉलेज में पर्सनली जाने की झंझट खत्म कर दी गई है।
तीसरा: एनआरआई (NRI) कोटे के लिए ऑनलाइन डॉक्यूमेंट अपलोडिंग:
डीम्ड यूनिवर्सिटीज में NRI आरक्षित सीटों पर एडमिशन के इच्छुक अभ्यर्थी अब अपने सभी आवश्यक दस्तावेज काउंसलिंग पोर्टल पर ही ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे। इससे NRI कैटेगरी का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और आवेदन प्रक्रिया काफी पारदर्शी हो जाएगी।
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11 लाख से ज्यादा सफल छात्र काउंसलिंग के इंतजार में
NTA द्वारा Re-NEET UG 2026 का परिणाम 16 जुलाई 2026 को घोषित किया गया था, जिसमें कुल 11.21 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। ध्यान रहे कि MCC केवल 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ) सीटों और 100% डीम्ड व सेंट्रल यूनिवर्सिटीज की सीटों के लिए काउंसलिंग का आयोजन करता है, जबकि शेष 85% राज्य कोटा सीटों की काउंसलिंग संबंधित राज्यों के अधिकारियों द्वारा की जाती है।
ऑनलाइन सीट विड्रॉल की 'डेडलाइन' याद रखना है जरूरी
MCC ने ऑनलाइन सीट विड्रॉल की सुविधा भले ही आसान कर दी हो, लेकिन इसके लिए एक निश्चित टाइम-विंडो निर्धारित होती है। यदि आप समय सीमा समाप्त होने के बाद सीट छोड़ते हैं, तो आपकी सिक्योरिटी मनी (Security Deposit) जब्त हो सकती है और आप आगे के राउंड से बाहर भी हो सकते हैं।
'फ्री एग्जिट' (Free Exit) के नियम को जानें
NEET UG काउंसलिंग के राउंड 1 में 'Free Exit' की सुविधा मिलती है (यानी सीट न लेने पर पैसे का नुकसान नहीं होता)। लेकिन राउंड 2 से नियम सख्त हो जाते हैं। यदि राउंड 2 में अलॉटेड सीट छोड़ने का फैसला करते हैं, तो आपकी जमा की गई सिक्योरिटी फीस जब्त कर ली जाएगी। इसलिए चॉइस फिलिंग बहुत सोच-समझकर करें।
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