Maharashtra Mega Recruitment: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी शेयर की है। सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को और बेहतर बनाने के लिए 70,000 से अधिक खाली पदों को भरने का निर्णय लिया है। सोमवार को मुंबई में सेवा भर्ती नियमों में सुधार को लेकर हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भर्ती अभियान पूरी तरह से नई और पारदर्शी प्रणाली पर आधारित होगा। बता दें कि इस उच्च स्तरीय बैठक में सीएम के साथ मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और विभिन्न विभागों के सचिव शामिल हुए
महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार ने युवाओं के लिए खोला नौकरियों का पिटारा
मेगा भर्ती का स्वरूप और पदों का वितरण
महाराष्ट्र सरकार ने तय किया है कि इन 70,000 पदों को चरणबद्ध तरीके (Phased manner) से भरा जाएगा। फडणवीस ने जानकारी दी कि इसमें से लगभग 20,000 पदों पर नियुक्तियां महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) द्वारा की जाएगी। जबकि बचे हुए 50,000 पदों के लिए सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त भर्ती एजेंसियां परीक्षा और चयन प्रक्रिया का जिम्मा संभालेंगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन पदों को भरने से पहले संबंधित विभाग की जरूरत, उम्मीदवारों की योग्यता और काम के नियमों का गहराई से अध्ययन करने का निर्देश दिया है।
भर्ती प्रक्रिया में होगा बड़ा तकनीकी सुधार
सेवा भर्ती में सुधार के लिए हुई उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने ने पुरानी भर्ती प्रणालियों में होने वाली देरी और अनावश्यक कागजी कार्रवाई को खत्म करने पर जोर दिया। सीएम ने कहा कि जब पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज का ऑनलाइन सत्यापन (Verification) हो सकता है, तो सरकारी नौकरियों में भी इसी डिजिटल सिस्टम को अपनाना की जरूरत है, ताकि युवा पीढ़ी को परेशानी का सामना करना पड़े।
इस कदम से महाराष्ट्र सरकार का लक्ष्य डिजिटल सत्यापन और ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया को बढ़ावा देना है और वेरिफिकेशन के लिए लगने वाली लंबी-लंबी कतारों और देरी से बचने पर प्रकाश डाला है। इसके लिए डिजिलॉकर के माध्यम से प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने और भर्ती में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल करने पर भी विचार किया जा रहा है।
दक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता पर जोर
सरकार का मानना है कि 70,000 नए कर्मियों के जुड़ने से सरकारी विभागों के काम करने की रफ्तार और गुणवत्ता में काफी सुधार होगा। फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र का 'मानव संसाधन प्रबंधन मॉडल' इतना प्रभावी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी सराहना की है और अन्य राज्यों को भी इसे अपनाने की सलाह दी है। सरकार जल्द ही कैबिनेट बैठक में सेवा भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन करेगी, जिससे अगले साल तक एक नया और पारदर्शी प्रशासनिक सुधार मॉडल प्रदेश के सामने होगा।
