JNU Admission 2026: देश की टॉप यूनिवर्सिटी की बात आती है तो सबसे पहला नाम जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी का आता है। इस संस्थान में प्रवेश का सपना लिए लाखों छात्र दिल्ली आते हैं, लेकिन यह सपना कुछ ही छात्रों का पूरा हो पाता है। ऐसे में अगर आप भी उन छात्रों में से एक है, जो JNU में पढ़कर अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि यहां एडमिशन कैसे मिलता है, कोर्स क्या-क्या है, कितने अंक चाहिए, कितनी सीटें है और प्लेसमेंट है कि नहीं। आइए जानते हैं -
JNU में कैसे मिलता है एडमिशन (Photo- AI)
JNU कब बना था?
दिल्ली के सबसे विश्वविद्यालयों में शामिल जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की स्थापना 1966 में संसद के एक अधिनियम के अंतर्गत की गई थी। औपचारिक रूप से इस संस्थान में कार्य 22 अप्रैल 1969 में शुरू हुआ था। इसके बाद उसी साल 14 नवंबर को तत्कालीन राष्ट्रपति वी.वी गिरि द्वारा इसका औपचारिक उद्घाटन किया गया था।
जेएनयू एनआईआरएफ रैंकिंग
देश के टॉप विश्वविद्यालयों के लिए जारी की जाने वाली NIRF रैंकिंग 2025 में JNU को दूसरा स्थान प्राप्त है। यह देश के बेहतरीन विश्वविद्यालय में से एक है, जिसमें प्रवेश लेना लाखों छात्रों का सपना होता है।
JNU में कैसे मिलता है एडमिशन?
जेएनयू में 12वीं के अंकों के आधार पर प्रवेश नहीं होता है। यहां प्रवेश के लिए छात्र को सीयूईटी यूजी की परीक्षा में शामिल होने होगा और उसी के अंकों के आधार पर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए उम्मीदवार को सीयूईटी पीजी परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। परीक्षा के सफलतापूर्वक आयोजन के बाद रिजल्ट जारी किया जाता है उसके आधार पर संस्थानों द्वारा एक मेरिट लिस्ट जारी की जाती है। जो उम्मीदवार उस मेरिट लिस्ट में आते हैं, पसंदीदा संस्थान में प्रवेश ले सकते हैं।
JNU में एडमिशन के लिए कितने अंक चाहिए?
कक्षा 12वीं के बाद जेएनयू में प्रवेश के लिए उम्मीदवार को कम से कम 45 प्रतिशत अंकों की आवश्यकता है। तभी वह यहां प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे कम अंक होने पर आवेदन के लिए एलिजिबल नहीं माने जाएंगे।
JNU में कौन-कौन से कोर्स हैं?
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में यूजी, पीजी और डॉक्टोरल लेवल के कोर्स के साथ एमबीए और बीटेक कोर्स भी हैं। यहां 100 से अधिक विषयों में पढ़ाई होती है। मुख्य रूप से आर्ट्स, पॉलिटिकल साइंस, सामाजिक विज्ञान, मानविकी, इंटरनेशनल अध्ययन, भाषा और साइंस प्रसिद्ध माना जाता है।
जेएनयू में कितनी सीटें हैं?
पहले तो आपको बता दें की यहां यूजी कोर्स की तुलना में पीजी कोर्स की सीटें अधिक है। यूजी कोर्स में केवल 342 से 431 करीब सीटें है, जबकि विभिन्न पीजी कोर्स में 2000 के करीब सीटें है।
JNU में प्लेसमेंट और पैकेज
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट की बात करें तो यह अलग-अलग है। बीटेक या एमसीए जैसे कोर्स के लिए हाईएस्ट पैकेज 33 लाख रुपये प्रति वर्ष होता है। वहीं आर्ट्स, लैंग्वेज और अन्य कोर्स के लिए औसत पैकेज 6 से 8 लाख रुपये तक का है।
