NEET UG Paper leak: डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले देशभर के लाखों मेडिकल छात्रों को बड़ा झटका लगा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने 3 मई को आयोजित हुई NEET UG परीक्षा रद्द कर दी है। जी हां, देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा भारत सरकार से अनुमति के बाद रद्द कर दी गई है। यह फैसला सरकार और जांच एजेंसियों से मिली रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। बता दें कि कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल लगातार उठाए जा रहे थे। जिसके बाद परीक्षा कराने वाली एजेंसी ने यह बडा कदम उठाते हुए परीक्षा को रद्द कर दिया है। एनटीए के इस फैसले के बाद 23 लाख से ज्यादा छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा को लेकर पेपर लीक और धांधली की शिकायतों मिल रही थीं। राजस्थान सहित कई राज्यों से संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद राजस्थान पुलिस की एसओजी टीम ने मामले की जांच की तो पता चला कि परीक्षा से पहले ही गैस पेपर छात्रों तक पहुंच गया था।
कैसे लीक हुआ नीट यूजी का पेपर
अब चलिए जान लेते हैं नीट यूजी पेपर लीक की पूरी कहानी क्या है। दरअसल, राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं में कई छात्रों के पास एक गैस पेपर मिला था, जिसमें से करीब 135 प्रश्न हूबहू नीट परीक्षा में आए। इसके अलावा केमिस्ट्री के सभी 45 सवाल सेम थे।। यह गैस पेपर केरल में पढ़ने वाले चूरू जिले के छात्र ने सीकर में अपने दोस्त को भेजा था। इसके बाद गैस पेपर एक PG संचालक को मिला और Telegram के साथ साथ Whatsapp ग्रुप में वायरल कर दिया गया। इसके अलावा देहरादून में भी इसी तरह का सेम पेपर मिला। सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र के नासिक में लीक हुए पेपर का पहला सेट बना था और हरियाणा में उसी पेपर के 10 सेट तैयार किए गए थे। हरियाणा से पेपर जयपुर पहुंचा और जयपुर से जमवा रामगढ़ पहुंचा। इसके बाद यहां से सीकर और फिर देश के अन्य राज्य जम्मू-कश्मीर, बिहार और केरल तक पंहुचा यह गेस पेपर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि 720 में से 600 नंबर के प्रश्न इसी गैस पेपर से आए जोकि वाकई चौंकाने वाला है। कहो तो यह भी जा रहा है कि कथित गेस पेपर 30 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक में बेचा गया। राजस्थान SOG ने इस मामले में कई लोगों को पकड़ा और पूछताछ की। देश के अलग अलग राज्यों से भी संदिग्धों की धर पकड़ जारी है।
सड़कों पर उतरे छात्र
केंद्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की जांच CBI को सौंप दी है। इस पूरे मामले पर पीएमओ यानी प्रधानमंत्री कार्यालय भी नजर बनाए हुए है। NTA का कहना है कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को ध्यान में रखते हुए दोबारा परीक्षा आयोजित कराने का फैसला किया गया है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी। इस फैसले के बाद देशभर के लाखों छात्र और उनके पैरेंट्स टेंशन में आ गए हैं। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने महीनों की मेहनत के बाद परीक्षा दी थी और अब दोबारा तैयारी का दबाव बढ़ गया है। कई शहरों में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
वहीं इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट परीक्षा को लेकर सरकार पर हमला किया है। वहीं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि नीट प्रवेश परीक्षा का रद्द होना दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से लेकर आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह ने इस मामले में सरकार पर निशाना साधा है।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा
बता दें कि NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्सों में दाखिला मिलता है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा रद्द होने का असर पूरे मेडिकल एडमिशन शेड्यूल पर पड़ सकता है। अब सभी की नजर NTA की अगली घोषणा पर टिकी हुई है, जिसमें नई परीक्षा तिथि और आगे की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। खास बात यह है कि एनटीए ने साफ कर दिया है कि दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए छात्रों को नए सिरे से रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं होगी और न ही कोई अतिरिक्त एक्जाम फीस ली जाएगी।
पहले भी एनटीए पर उठे सवाल
यह पहला मामला नहीं है जब परीक्षा कराने वाली एजेंसी सवालों के घेरे में है। नीट यूजी का पेपर पिछले तीन साल में दूसरी बार लीक हुआ है। इससे पहले साल 2024 में भी नीट का पेपर लीक हुआ था। इसके बाद बिहार समेत कई राज्यों में पेपर लीक नेटवर्क की सीबीआई जांच हुई थी जिसमें गई गिरफ्तारियां भी हुई थी। हालांकि री-एग्जाम नहीं कराया गया था। साल 2024 में ही एनटीए की ओर से आयोजित की जाने वाली यूजीसी नेट परीक्षा का भी पेपर लीक हुआ था और एक दिन बाद ही शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इसी तरह सीयूईटी यूजी 2024 में भी बड़े स्तर पर तकनीकी गड़बड़ियां, परीक्षा केंद्रों में समस्याएं और इंटीग्रिटी को लेकर भी सवाल उठे थे।
हाई सिक्योरिटी स्ट्रांग रूम-GPS ट्रैकर
एक तरफ एनटीए दावा करती है कि पेपर GPS-ट्रैकिंग वाले वाहनों से भेजे जाते हैं, Strong rooms में रखे जाते हैं तो फिर पेपर लीक जैसी घटनाएं कैसे जाती हैं, यह सवाल बहुत बड़ा है। उम्मीद करते हैं CBI जांच में इन पहलुओं की भी जांच की जाएगी। फिलहाल नीट यूजी परीक्षा रद्द कर दी गई है। इस परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्रों को दोबारा मेहनत करनी होगी और परीक्षा में बैठना होगा। नीट परीक्षा रद्द करने के बाद एनटीए ने कहा है कि छात्र परीक्षा की नई तारीख या किसी भी अपडेट के लिए केवल ऑफिशियल वेबसाइट या ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर ही भरोसा करें। बिना पुष्टि किसी भी तरह की जानकारी पर विश्वास न करें। छात्रों और उनके पैरेंट्स के सवालों के जवाब देने के लिए दो हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 / 011-69227700 भी जारी किए गए हैं।
क्या बोले एनटीके के डायरेक्टर
NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने कहा, “मैं आपके प्लेटफॉर्म के ज़रिए आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हम ऐसी कोई भी शरारत करने वाले के खिलाफ सख्त एक्शन लेंगे। जहां भी हमें रिपोर्ट मिलेगी कि कोई क्वेश्चन पेपर बेच रहा है या स्टूडेंट्स को गुमराह कर रहा है, हम उनके खिलाफ एक्शन लेंगे। एग्जाम से पहले भी ऐसे कई केस आए हैं जहां लोग पेपर देने के नाम पर OTP मांग रहे थे और बैंक अकाउंट खाली कर रहे थे। हमने ऐसे सभी लोगों के खिलाफ एक्शन लिया है, और हमारी पॉलिसी साफ है कि हम एग्जाम प्रोसेस में कोई गड़बड़ी नहीं होने देंगे।”