Times Now Navbharat
live-tv
Premium

Explained : NEET, CBSE, SSC और CUET... चार परीक्षाएं चारों फेल!, 30 दिन में सिस्टम कैसे हुआ फेल ?

NEET UG 2026 में कथित पेपर लीक के आरोपों ने परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए, वहीं CBSE के OnMark पोर्टल में सामने आई साइबर सुरक्षा खामियों ने डिजिटल परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दीं। दूसरी ओर SSC GD परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतों से अभ्यर्थियों में नाराजगी देखने को मिली, जबकि CUET UG में परीक्षा केंद्रों और तकनीकी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे।

Image
NEETpaper leak
Authored by: Kusum Bhatt
Updated May 31, 2026, 18:09 IST

NEET, CBSE, SSC GD Constable, CUET UG Controversy : देश की शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने का आरोप तब सबसे ज्यादा चर्चा में आया जब नीट यूजी पेपर लीक मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। छात्रों की सालों की मेहनत और भविष्य पर कई तरह के सवाल खड़े हो गए। इसके एक के बाद एक ऐसी घटनाएं सामने आने लगीं, जिन्होंने देश की प्रमुख परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए। नीट यूजी के बाद SSC GD और फिर CUET UG तक .. एक के बाद एक बड़ी परीक्षा विवाद में घिरती नजर आई। चलिये एक-एक करके समझते हैं कि आखिर इन चारों परीक्षाओं में क्या हुआ।

नीट मामला 2026 : NEET Case 2026

सबसे पहले बात करें नीट लीक मामले की तो ये अभी तक का सबसे बड़ा विवाद बनकर सामने आया, जब परीक्षा के बाद पेपर लीक के मामले सामने आने लगे। नीट यूजी परीक्षा 3 मई 2026 को देशभर के अलग-अलग केंद्रों पर आयोजित की गई थी। लेकिन फिर विवाद शुरू हुआ, जब परीक्षा के बाद आरोप लगे कि परीक्षा से पहले ही कथित गेस पेपर छात्रों के बीच घूम रहा था ओर उसमें मौजूद कई सवाल असली पेपर से मेल खा रहे थे।

जब रद्द हुआ नीट एग्जाम

चार बड़ी परीक्षाओं में गड़बड़ी

चार बड़ी परीक्षाओं में गड़बड़ी

इसके बाद राजस्थान पुलिस की SOG जांच में दावा किया गया कि करीब 410 सवालों वाला डॉक्यूमेंट पहले से ही वायरल हो रहा था, जिसमें से लगभग 120 केमिस्ट्री के सवाल ही असल परीक्षा में आ गए। मामला बढ़ने के बाद National testing Agency यानी NTA ने 3 मई को हुई नीट यूजी 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया। सरकार ने मामले की जांच Central Bureau of Investigation को सौंप दिया। इस फैसले ने देशभर के लगभग 23 लाख छात्रों को प्रभावित किया।

गेस पेपर लीक से लेकर परीक्षा रद्द होने, सीबीआई जांच, गिरफ्तारियों और सुप्रीम कोर्ट पहुंचे इस विवाद ने इसे देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये।

सीबीएसई मामला CBSE Case :

सीबीएसई बोर्ड की मुख्य परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू हुई थीं। कक्षा 10 की परीक्षा 10 मार्च 2026 तक और कक्षा 12वीं की परीक्षा 9 अप्रैल 2026 तक चलीं। लेकिन फिर 25-26 मई के आस-पास सीबीएसई का ऑनमार्क पोर्टल विवादों में आ गया। कुछ साइबर एक्सपर्ट्स और एथिकल हैकर्स ने पोर्टल में संभावित सुरक्षा खामियों की तरफ ध्यान मोड़ा। मामला सार्वजनिक होने के बाद सीबीएसई को सफाई देनी पड़ी। बोर्ड ने आईआईटी और सरकारी एजेंसियों के साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स की टीम तैनात की और दावा किया कि कमजोरियों को नियंत्रित कर दिया गया है। हालांकि, इस घटना ने परीक्षा और मूल्यांकन से जुड़े डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर दिये।

एसएससी जीडी परीक्षा SSC GD Constable Exam :

एसएससी जीडी परीक्षा के दौरान कई परीक्षा केंद्रों से तकनीकी समस्याओं की शिकायतें सामने आईं। उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि कंप्यूटर सिस्टम बार-बार हैंग हुए और लॉगिन में भी दिक्कतें आईं, जिससे परीक्षा का समय प्रभावित हुआ। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने या फिर इसे दोबारा कराने की मांग उठाई। कई जगहों पर प्रदर्शन भी हुए।

SSC चेयरमैन ने मानी गलती

ये विवाद मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के कुछ परीक्षा केंद्रों पर सामने आया। केंद्रों पर तय कंप्यूटर क्षमता से कई गुना ज्यादा एडमिट कार्ड जारी किए गए। सर्वर और हैकिंग जैसी तकनीकी खामिया भी आईं। हालांकि, इस भारी मिस मैनेजमेंट को देखते हुए एसएससी चेयरमैन ने खुद गलती मानी और फिर प्रभावित उम्मीदवारों के लिए आयोग द्वारा री एग्जाम आयोजित किया गया।

CUET UG परीक्षा विवाद

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित CUET UG 2026 परीक्षा में विवाद की शुरुआत मुख्य रूप से 30 मई 2026 को कई परीक्षा केंद्रों पर आई तकनीकी गड़बड़ियों से हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा शुरू होने से पहले ही सर्वर और सिस्टम संबंधी समस्याएं सामने आईं, जिसके चलते कई केंद्रों पर परीक्षा में लगभग 2 घंटे तक की देरी हुई।

फिर छात्रों ने आरोप लगाया कि कई केंद्रों पर कंप्यूटर फ्रीज हो गए और लॉगिन ही नहीं हो सका। ऐसे में उम्मीदवारों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कुछ जगहों पर तो परीक्षा ही शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में नोएडा समेत कई केंद्रों से छात्रों ने अव्यवस्था और खराब प्रबंधन की शिकायत की। विवाद बढ़ा तो NTA ने स्वीकार किया कि तकनीकी समस्या हुई थी और कहा कि प्रभावित छात्रों को पूरा समय दिया जाएगा। जिन छात्रों की परीक्षा नहीं हो सकी, उनके लिए दोबारा परीक्षा कराने की भी बात की गई।

End of Article