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EXPLAINED: अमेरिका में 90 लाख नौकरियों पर AI का साया!, जॉब रिस्क इंडेक्स रिपोर्ट ने उड़ाई प्रोफेशनल्स की नींद

AI could jeopardize 9 million US Jobs in next five years : दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही रोजगार को लेकर एक बड़ी चिंता भी सामने आ रही है। अमेरिका की Tufts University की एक हालिया स्टडी काफी चौंकाने वाली है। रिपोर्ट ​के अनुसार, आने वाले 2 से 5 वर्षों में करीब 90 लाख नौकरियां AI के कारण प्रभावित हो सकती हैं। आइये विस्तार से समझते हैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भविष्य में किस तरह की नौकरियों पर प्रभाव पड़ सकता है, अमेरिका की रिपोर्ट क्या कहती है और AI के दौर में प्रोफेशनल्स कैसे अपनी नौकरी को सुरक्षित रख सकते हैं?

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American AI Jobs Risk Index: अमेरिका में AI से नौकरी पर खतरा
Authored by: Kuldeep Raghav
Updated Apr 1, 2026, 11:56 IST
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Tufts University American AI Jobs Risk Index: दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही रोजगार को लेकर एक बड़ी चिंता भी सामने आ रही है। अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से अर्थव्यवस्था, उद्योग और रोजगार के स्वरूप को बदल रहा है। टेक्नोलॉजी के इस विस्तार ने जहां नए अवसर पैदा किए हैं, वहीं कई पारंपरिक नौकरियों पर खतरा भी बढ़ा है। अमेरिका AI डेवलपमेंट में दुनिया के अग्रणी देशों में है। Google, Microsoft, OpenAI और Meta जैसी कंपनियां एआई के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम कर रही हैं। इस बीच अमेरिका की Tufts University की एक ताजा स्टडी आई है। स्टडी में जो रिजल्ट सामने आया है, उसे नजरअंदाज करना मुश्किल है। यह रिपोर्ट 'American AI Jobs Risk Index' पर आधारित है, जिसमें 700 से ज्यादा पेशों का विश्लेषण कर यह समझने की कोशिश की गई है कि कौन-सी नौकरियां सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले 2 से 5 वर्षों में करीब 90 लाख नौकरियां AI के कारण प्रभावित हो सकती हैं।

अमेरिका की Tufts University की यह स्टडी सिर्फ एक सामान्य रिपोर्ट नहीं है, बल्कि AI और नौकरियों के भविष्य को समझने के लिए बनाई गई एक डेटा-आधारित मॉडलिंग स्टडी है। इसे अमेरिकन एआई जॉब रिस्क इंडेक्स कहा जाता है, जिसे यूनिवर्सिटी के Fletcher School के Digital Planet रिसर्च सेंटर ने तैयार किया है। यूनिवर्सिटी की यह स्टडी एक प्रकार की खतरे की घंटी है जो चेतावनी देती है कि आने वाले समय में नौकरी का संकट सिर्फ मजदूर वर्ग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्हाइट कॉलर नौकरियों को भी प्रभावित करने वाला है। स्टडी के अनुसार आने वाले 2 से पांच साल में करीब 9.3 मिलियन (लगभग 90 लाख) नौकरियां खतरे में आने वाली हैं और इनमें हर सेक्टर शामिल है।

Tufts University Report: यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट

Tufts University Report: यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट

किन सेक्टर में सबसे ज्यादा असर?

AI का सबसे ज्यादा असर उन नौकरियों पर पड़ रहा है जो दिमागी और विश्लेषणात्मक काम से जुड़ी हैं। इन कामों में AI तेजी से काम कर सकता है, जिससे कंपनियां कम लोगों में ज्यादा काम कर पा रही हैं। इसके दूसरी ओर, मैनुअल और फिजिकल काम जैसे- वेल्डर, मजदूर, कुक आदि अभी AI के प्रभाव से काफी हद तक सुरक्षित हैं और अभी बचे हुए हैं। इन कामों में इंसानी हस्तक्षेप ज्यादा रहता है। रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा खतरा उन्हीं नौकरियों पर है जिनमें दिमागी इस्तेमाल ज्यादा होता है।

  • कंप्यूटर प्रोग्रामर
  • वेब डिजाइनर
  • डेटा एनालिस्ट
  • लेखक और पत्रकार
  • मार्केटिंग और फाइनेंस प्रोफेशनल

“हाई स्किल जॉब्स” भी अब सुरक्षित नहीं

पहले माना जाता था कि केवल लो-स्किल जॉब्स पर खतरा है, लेकिन यह धारणा अब बदल रही है। स्टडी के अनुसार AI अब हाई-सैलरी और हाई-स्किल जॉब्स को भी तेजी से प्रभावित कर रहा है। रिसर्च बताती है कि AI केवल ऑटोमेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अब विश्लेषण, लेखन और निर्णय लेने जैसे काम भी कर रहा है।

आर्थिक असर कितना बड़ा होगा?

इस बदलाव का आर्थिक असर भी बेहद बड़ा हो सकता है।

  • 200 अरब डॉलर से लेकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक आय पर असर
  • कंपनियों में हायरिंग कम होने की संभावना
  • एंट्री-लेवल जॉब्स सबसे पहले प्रभावित

AI के कारण कंपनियां कम कर्मचारियों में ज्यादा प्रोडक्टिविटी हासिल कर रही हैं, जिससे नई भर्तियों पर असर पड़ रहा है। अपनी नौकरी सुरक्षित रखने के लिए अब प्रोफेशनल्स को अब मल्टी-स्किलिंग की दिशा में भी काम करना चाहिए, यानी एक से ज्यादा स्किल्स सीखकर खुद को ज्यादा उपयोगी बनाना होगा। डेटा एनालिसिस, डिजिटल टूल्स, ऑटोमेशन और AI की बेसिक समझ जैसे स्किल्स को सीखना समय की मांग बन चुका है।

भारतीयों पर क्या असर?

अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय प्रोफेशनल काम करते हैं, खासकर IT और टेक सेक्टर में। ऐसे में AI का सीधा असर भारतीय वर्कफोर्स पर भी पड़ेगा।

  • H-1B और टेक जॉब्स पर दबाव
  • आउटसोर्सिंग मॉडल में बदलाव
  • स्किल अपग्रेड की जरूरत बढ़ेगी

प्रोफेशनल्स को अपने इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर नजर रखनी होगी और यह समझना होगा कि भविष्य में कौन-सी स्किल्स की मांग बढ़ने वाली है। इसके अलावा, इंसानी गुण जैसे क्रिटिकल थिंकिंग, क्रिएटिविटी, कम्युनिकेशन और लीडरशिप को मजबूत करना होगा। ये ऐसी क्षमताएं हैं जिन्हें AI पूरी तरह रिप्लेस नहीं कर सकता।

भविष्य की नौकरियां कैसी होंगी?

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में वही लोग सुरक्षित रहेंगे जो AI को समझकर उसके साथ काम करना सीखेंगे।

जरूरी स्किल्स:

  • AI और डेटा की समझ
  • क्रिटिकल थिंकिंग
  • समस्या समाधान क्षमता
  • मल्टी-स्किलिंग

प्रोफेशनल्स को क्या है विशेषज्ञों की सलाह

आज के समय में केवल एक डिग्री या पुरानी स्किल्स के भरोसे करियर सुरक्षित नहीं रह सकता। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में नौकरी को सुरक्षित रखने के लिए प्रोफेशनल्स को अपनी सोच और काम करने के तरीके में बदलाव लाना बेहद जरूरी हो गया है। आज के समय में वही लोग आगे बढ़ेंगे जो बदलाव को अपनाने के लिए तैयार होंगे। AI से डरने के बजाय उसके साथ काम करना सीखना ही सफलता की कुंजी है। सबसे पहले जरूरी है कि AI को खतरे के रूप में देखने के बजाय एक टूल के रूप में अपनाया जाए। इसके साथ ही लगातार स्किल अपग्रेड करना भी बेहद जरूरी है।

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