Ex IAS Abhishek Singh Motivational Life lesson: अक्सर लोग भीड़ का हिस्सा बनना चाहते हैं लेकिन भीड़ में शामिल होने पर पहचान नहीं बनती है। पूर्व आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह कहते हैं कि एवरेज रहना है तो भीड़ का हिस्सा बनो। वह कहते हैं कि खुद को बदलना है तो3 चीजें करना आज ही शुरू कर दीजिए। अभिषेक सिंह 2011 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के एक पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी, मोटिवेशनल स्पीकर, सामाजिक कार्यकर्ता और अभिनेता हैं। वर्ष 2023 में अपनी सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर वह सोशल मीडिया पर वीडियो और व्याख्यान के माध्यम से करियर, सक्सेस को लेकर प्रेरित करते हैं। एक वीडियो में अभिषेक सिंह बता रहे हैं कि अगर खुद को बदलना है तो तीन चीजें करो।
अभिषेक सिंह बता रहे हैं कि अगर खुद को बदलना है तो तीन चीजें करो।
खुद पर फोकस करो
जो लोग आगे नहीं बढ़ पाते उनकी सबसे बड़ी वजह ये होती है कि उनका ध्यान खुद पर कम और दूसरों पर ज्यादा होता है। किसने क्या किया, क्या नहीं किया...गॉसिप में, दूसरों की जिंदगी में, बेकार की बातों में इतनी एनर्जी जाती है कि जब अपने काम का वक्त आता है तो ना एनर्जी बचती है और ना फोकस। जो वक्त आप दूसरों की जिंदगी में लगा रहे हो, वो वक्त खुद की जिंदगी में लगाओ।
वक्त की कीमत समझो
समय किसी के लिए नहीं रुकता। न अमीर के लिए, न गरीब के लिए। हर किसी को दिन में 24 घंटे मिलते हैं, फर्क सिर्फ इतना है कि कोई उन 24 घंटों को जीता है और कोई बस गुजार देता है। जो वक्त एक बार चला गया, वापस नहीं आता है। इसलिए हर घंटे को ऐसे जियो जैसे वो मायने रखता है।
अपनी बॉडी को फिट रखो
लोग सोचते हैं कि फिटनेस सिर्फ दिखने के लिए होती है, नहीं होती। जब आपकी बॉडी फिट होती है तो आपका दिमाग तेज चलता है, आपकी एनर्जी ज्यादा होती है, आपकी कॉन्फिडेंस ज्यादा होता है। जितने भी सक्सेसफुल लोग हैं, उनमें से ज्यादातर अपनी फिटनेस को सीरियसली लेते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि एक थका हुआ और बीमार शरीर कभी बड़े सपने पूरे नहीं कर सकता। भीड़ हमेशा आसान रास्ता चुनती है, आप वो चुनो जो सही है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख अभिषेक सिंह के व्याख्यान और विचारों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें प्रस्तुत विश्लेषण और निष्कर्ष मुख्यतः निजी व्याख्या और दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। यह सामग्री केवल शैक्षणिक और सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है। इसे किसी भी विषय पर आधिकारिक या अंतिम सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।)
