Why does every state not have a legislative council in india:भारतीय संविधान के आर्टिकल 168 और 170 के अनुसार, भारत के हर राज्य में विधानसभा होना जरूरी है। लेकिन विधानपरिषद आप्शनल यानी वैकल्पिक है। राज्य सरकार चाहे तो विधान परिषद बना सकती है या चाहे तो नहीं। लेकिन सवाल यही है कि हर राज्य में विधान परिषद आखिर क्यों नहीं है। बता दें, इस तरह के सवाल यूपीएससी इंटरव्यू या दूसरी बड़ी परीक्षा में पूछे जाने की संभावना रखते हैं।
विधानसभा भारत के हर राज्य में है, तो विधान परिषद क्यों नहीं
भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में केंद्र और राज्यों के लिए अलग-अलग विधायी ढांचा निर्धारित किया गया है। जहां देश में Parliament of India (संसद) कानून बनाने का काम करती है, वहीं राज्यों में यह जिम्मेदारी विधानमंडल निभाता है। संसद की तरह ही राज्यों में भी दो सदनों की व्यवस्था का प्रावधान है-Rajya Sabha और Lok Sabha के समान राज्य स्तर पर Legislative Assembly (विधानसभा) और Legislative Council (विधानपरिषद) हो सकते हैं।
हालांकि Constitution of India में द्विसदनीय विधानमंडल का प्रावधान है, लेकिन यह सभी राज्यों के लिए अनिवार्य नहीं है। यही कारण है कि कई राज्यों ने केवल एक सदन—विधानसभा-को ही अपनाया है, जबकि कुछ राज्यों में दोनों सदन मौजूद हैं।
देश के कितने राज्यों में विधानपरिषद है?
वर्तमान समय में देश के केवल छह राज्यों में ही विधानपरिषद सक्रिय हैं। ये राज्य हैं-Andhra Pradesh, Uttar Pradesh, Bihar, Maharashtra, Karnataka और Telangana। इन राज्यों में विधानपरिषद, विधानसभा के साथ मिलकर विधायी प्रक्रिया में भाग लेती है।
दूसरी ओर, Assam, Madhya Pradesh, Punjab, Tamil Nadu और Jammu and Kashmir जैसे राज्यों में पहले विधानपरिषद मौजूद थीं, लेकिन समय के साथ इन्हें समाप्त कर दिया गया। अब इन राज्यों में केवल विधानसभा ही विधायी कार्य करती है।
इस व्यवस्था से यह साफ है कि भारत में राज्यों को अपनी प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार एक या दो सदनों वाली विधानमंडल प्रणाली अपनाने की स्वतंत्रता दी गई है। यही कारण है कि देश के अलग-अलग राज्यों में विधानमंडल की संरचना भिन्न-भिन्न देखने को मिलती है।
राज्य में विधान परिषद बनाना है तो क्या करना होगा?
आर्टिकल 169 के अनुसार, यदि किसी स्टेट को विधान परिषद बनानी है तो उसे अपनी विधान सभा में सबसे पहले एक रिजॉल्यूशन पास करना होगा। रिजॉल्यूशन पास होने के बाद वो भारतीय संसद में अप्रूव के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद अगर ऊपरी सदन और निचला सदन जैसे ही उसे अप्रूव कर देंगे उसके बाद ही उस राज्य में विधान परिषद बन सकती है।
कुल मिलाकर भारत के हर राज्य में विधान परिषद (Legislative Council) न होने का मुख्य कारण इसका वैकल्पिक (Optional) होना और राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है।
