CBSE New Guideline: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षाओं के लेकर निर्देश जारी किए हैं। इस निर्देश के तहत आठवीं तक तीन भाषा विषय को पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इन विषयों में पास होना भी अनिवार्य होगा। अगर इनमें से किसी भी भाषा विषय में फेल होते हैं तो आगे जिस भी स्कूल में बच्चे पढ़ाई करेंगे, वहां 9वीं में परीक्षा देनी पड़ेगी।
CBSE New Guideline (Pixabay)
बोर्ड ने जारी किया निर्देश (CBSE New Guidelines)
बोर्ड ने निर्देश दिया है कि जिन छात्रों का पहली परीक्षा का परिणाम कंपार्टमेंट है, उन्हें कंपार्टमेंट श्रेणी के अंतर्गत दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। दसवीं कक्षा पास करने के बाद अतिरिक्त विषयों की अनुमति नहीं होगी। छात्रों को एकल विषयों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अगर कोई छात्र तीन अनिवार्य शैक्षणिक विषयों जैसे विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान में से किसी एक में फेल हो जाता है और कौशल विषय (छठे वैकल्पिक के रूप में प्रस्तुत) में पास हो जाता है तो उस विशेष अनिवार्य विषय को कौशल विषय से प्रतिस्थापित कर दिया जाएगा और 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम की इसी के अनुसार गणना होगी।
सीबीएसई ने दी हिदायत (CBSE Board Exam Rules)
बता दें कि अगर कोई छात्र पहले पांच विषयों में से किसी भी भाषा विषय में फेल हो जाता है तो उसे सातवें विषय के रूप में ली गई भाषा से प्रतिस्थापित किया जाएगा बशर्ते कि उसने सातवें भाषा विषय को पास कर लिया हो। सीबीएसई ने प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि वे समय रहते हुए विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को इन नियमों की जानकारी दें ताकि किसी को अंतिम समय में परेशानी ना हो। बोर्ड ने ये भी कहा है कि उसकी टीम किसी भी समय स्कूलों का इंस्पेक्शन कर सकती है। ऐसे में अगर पाया गया कि उपस्थिति रजिस्टर अधूरा है या फिर स्टूडेंट्स नियमित समय से स्कूल नहीं आ रहे हैं तो उन्हें डमी परीक्षार्थी माना जा सकता है।
