NTA NEET Exam 2021: भौतिकी के गलत सवाल को हटाने पर जनहित याचिका पर आज होगी सुनवाई

NEET 2021 Latest Updates: मेडिक​ल छात्रों के एक समूह ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा - NEET 2021 के भौतिकी खंड में एक प्रश्न को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि एक प्रश्न में अनुवाद में त्रुटि थी...

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भौतिकी के गलत सवाल को हटाने पर जनहित याचिका पर सुनवाई 
मुख्य बातें
  • भौतिकी के एक सवाल में ट्रांसलेशन एरर था, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई
  • प्रश्न को हटाने और फिर से परिणाम जारी करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है
  • न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ मामले की सुनवाई करेगी।

NEET 2021 Latest Updates: स्नातक मेडिक​ल छात्रों के एक समूह ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, एससी में एक याचिका दायर की गई है जिसमें कहा गया है कि कि National Eligibility cum Entrance Test (NEET) 2021 में पूछे गए एक प्रश्न का गलत अनुवाद किया गया था। इस समूह ने शीर्ष अदालत से National Testing Agency (NTA) को प्रश्न को हटाने और फिर से परिणाम जारी करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने आज 24 नवंबर को मामले की सुनवाई करेगी।

याचिका में नीट प्रश्न पत्र और एनटीए द्वारा जारी उत्तर कुंजी को चुनौती दी गई है, जिसमें भौतिकी खंड (ए) के प्रश्न संख्या 2 में "discrepancy and patent error" का आरोप लगाया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रश्न के अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद में "एम्पलीट्यूड ऑफ करंट" शब्द हटा दिए गए थे और जिन उम्मीदवारों ने हिंदी अनुवाद के आधार पर प्रश्न का प्रयास किया था, उन्हें एक अलग उत्तर मिला।

याचिका में कहा गया है, "इस विसंगति ने हिंदी भाषी छात्रों / राज्यों को एक नुकसानदेह स्थिति में डाल दिया है और उन्हें हजारों साल पीछे धकेल दिया है और उनके भविष्य को खतरे में डाल दिया है।

यह था मामला

एनटीए ने पहले ही निर्देश दिया था कि परीक्षा में किसी प्रश्न के अनुवाद में किसी भी अस्पष्टता के मामले में, इसके अंग्रेजी संस्करण को इसकी सूचना विवरणिका में अंतिम माना जाएगा। लेकिन याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि अंग्रेजी संस्करण और हिंदी संस्करण दोनों अलग-अलग प्रश्न थे जिनके अलग-अलग उत्तर थे।

नीट क्वेश्चन पेपर में ट्रांसलेशन एरर के लिए क्या कहती है एनटीए पॉलिसी?

एनटीए नीति के अनुसार, ट्रांसलेशन एरर के मामले में, प्रश्न के अंग्रेजी संस्करण (English version) को अंतिम माना जाता है।
टेस्ट में किसी प्रश्न के अनुवाद में किसी भी अस्पष्टता के मामले में, इसके अंग्रेजी संस्करण को अंतिम माना जाएगा और इस संबंध में एनटीए का निर्णय अंतिम होगा।"
हालांकि, परीक्षा से संबंधित किसी भी विवाद को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। यही कारण है कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक चला गया है।

एनईईटी-यूजी परिणाम 1 नवंबर को घोषित किए जा चुके हैं। NEET UG 2021 का आयोजन 12 सितंबर को किया गया था। परीक्षा में 15,44,275 छात्र शामिल हुए थे, जिनमें से 8,70,074 छात्रों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए क्वालीफाई किया था। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अखिल भारतीय कोटा सीटों के लिए नीट-यूजी काउंसलिंग शुरू कर सकती है।

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