World Student Day 2020: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्मदिवस आज, जीवन बदलने का दम रखते हैं कलाम के ऐसे कई विचार

World Student Day 2020: आज पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्मदिवस है। इस विशेष अवसर पर जानें उनसे जुड़ी कुछ खास बातें और उनके विचार, जो आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

APJ Abdul Kalam
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम (फाइल फोटो) APJ Abdul Kalam Birthday 

Student Day: 'सपने वो नहीं होते जो आप सोने के बाद देखते हैं, सपने वो होते हैं जो आपको सोने नहीं देते'; ऐसे दमदार विचार रखने वाले डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को मिसाइल मैन के नाम से जाना जाता है। कलाम ने ना केवल वैज्ञानिक दुनिया में अपनी पहचान बनाई बल्कि बेहद जमीनी स्तर और जड़ से जुड़े रहकर उन्होंने भारत के राष्ट्रपति के रूप में भी लोगों के दिलों पर अपनी खास पहचान छोड़ी। देश के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल प्रोग्राम के जनक      का आज जन्मदिन है। कलाम ने वैज्ञानिक और इंजीनियर के तौर पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया है। आइए जानते हैं डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के बारे में कुछ खास बातें और उनके कुछ अनमोल विचार जो आपको अपने लक्ष्य की हासिल करने में मदद कर सकते हैं। 

अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 में रामेश्वरम तमिलनाडु में हुआ था। पेशे से मछुआरे उनके पिता के पास एक नाव थी, जिसे वह किराए पर देकर परिवार का पालन-पोषण किया करते थे। पांच भाई और बहनों वाले परिवार को चलाने के लिए उनके पिता के पास पैसे कम पड़ जाते थे। इसलिए उन्होंने शुरुआती दौर से ही पढ़ाई के साथ साथ अखबार बेचने का काम भी किया। उनके बचपन की एक रोचक बात यह है कि वह सुबह 4 बजे उठकर नहाकर गणित पढ़ने जाया करते थे। सुबह नहाने के पीछे कारण पूछे जाने पर कलाम साहब ने मुस्कान भरे लहजे में बताया था कि सुबह नहाकर इसलिए जाना होता था, क्योंकि हर साल पांच बच्चों को मुफ्त में गणित पढ़ाने वाले उनके टीचर बिना नहाए आए हुए बच्चों को नहीं पढ़ाते थे। ट्यूशन से आने के बाद वे नवाज पढ़ते थे और इसके बाद वे सुबह आठ बजे तक अखबार बांटा करते थे।

राष्ट्रपति के रूप में किया लोगों के दिलों पर राज

बेहद साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले और जमीनी स्तर से जुड़े रहकर उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई थी। समाज के सभी वर्गो और विशेषकर युवाओं के बीच प्रेरणा स्रोत बने डॉ. कलाम ने राष्ट्राध्यक्ष रहते हुए राष्ट्रपति भवन के दरवाजे आम जनता के लिए खोल दिए, जहां बच्चे उनके विशेष अतिथि होते थे। वह सर्वाधिक सम्मानित व्यक्तियों में से एक थे, जिन्होंने एक वैज्ञानिक और राष्ट्रपति के रूप में अपना अतुल्य योगदान देकर देश की सेवा की। उनके बताए हुए सिद्धांत आज भी हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने और लोगों की जरूरत में मदद करने की प्रेरंणा देते हैं।

विज्ञान के क्षेत्र से लेकर भारते के 11वें राष्ट्रपति के रूप में लोगों के दिलों में अपनी छाप छोड़ने वाले कलाम को एक अच्छे शिक्षक के रूप में भी जाना जाता था। अपने लक्ष्यों को लेकर वह लोगों को कड़ी मेहनत करने की सलाह देते थे। उनका कहना था कि यदि आपको सूरज की तरह चमकना है तो पहले सूरज की तरह जलना होगा। सफलता को हासिल करने के लिए उनके दिए हुए सिद्धांत आज भी हमारे लक्ष्य को हासिल करने का एक अच्छा उदाहरण बन सकते हैं। एक नाविक के परिवार में जन्मे और दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले डॉक्टर कलाम साहब ने कहा था कि सपने वो नहीं होते जो आप सोने के बाद देखते हैं, सपने वो होते हैं जो आपको सोने नहीं देते। इसका मतलब है कि जब हम अपनी जिंदगी में कुछ करने के लिए ठान लेते हैं तो उसे पाने के लिए हर कोशिश करते हैं।

लोग मुझे शिक्षक के रूप में याद रखें तो सबसे बड़ा सम्मान होगा

कलाम साहब का मानना था कि जो एक व्यक्ति के चरित्र, क्षमता और भविष्य को संवारता है और उसके लक्ष्य की ओर ऊंची उड़ान में सहायक होता है वह शिक्षक ही होता है। शिक्षक एक बहुत महान पेशा है। वह कहते थे कि अगर लोग मुझे एक शिक्षक के रूप में याद रखेंगे तो यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान होगा। आज मिसाइल मैन के सिद्धांत किसी शिक्षा से कम नहीं हैं। जो हमें अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर करते हैं और लक्ष्य प्राप्ति के साधन हैं। उनका कहना था कि महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं।

हालातों से कभी हार ना मानना

अब्दुल कलाम का बचपन बेहद गरीबी में बीता। शुरुआती दौर से ही उन्होंने बहुत संघर्ष किया। उन्होंने रेलवे स्टेशन पर अखबार भी बेचा लेकिन इस कठिन समय में भी उन्होंने कभी निराशा को हावी नहीं होने दिया। उनके जीवन के इस पहलू से यह शिक्षा मिलती है कि हम अभी क्या हैं यह मायने नहीं रखता बल्कि यह मायने रखता है कि हम भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। कलाम साहब ने कहा था कि जब मैं इस दुनिया में ना रहूं तो उस दिन छुट्टी की घोषणा ना करें बल्कि एक अतिरिक्त दिन काम करें। उनका कहना था कि सोच पूंजी है, एंटरप्राइज रास्ता है,और हार्ड वर्क इनका समाधान है। जो आपको अपने लक्ष्य की प्राप्ति सबसे ज्यादा मददगार होता है।

यदि आप असफल होते हैं तो कभी हार ना मानें। यह एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा कहे गए शब्द थे। उनका कहना था कि यदि आप असफल होते हैं तो यह आपका पहला प्रयास है। आप तब तक हार ना मानें जब तक अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेते हैं। कलाम का कहना था कि अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आपको इसके प्रति अपने कर्तव्यों पर  इमानदार होना होगा। जिससे आप अपने मिशन में कामयाब हो सकेंगे। वे कहते थे कि समस्या समान होती है लेकिन उसको सॉल्व करने के तरीके अलग-अलग होते हैं। डॉक्टर कलाम साहब ने उदाहरण दते हुए  बताया था कि तेज बारिश के दौरान सभी पक्षी अपने आश्रय की जगह ढ़ूढते हैं लेकिन बाज एक अकेला पक्षी है जो अपने उड़ान से बादल के ऊपर उड़कर बारिश से बचता है। समस्याएं समान हैं लेकिन दृष्टिकोण से फर्क पड़ता है।

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