दिल्ली में प्रदूषण पर कड़ी कार्रवाई, 48 साइटें सील, 7 करोड़ का जुर्माना; स्रोतों की पहचान के लिए IIT के साथ नई स्टडी

दिल्ली सरकार ने बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर नियंत्रण के लिए व्यापक रणनीति शुरू की है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने घोषणा की कि IIT दिल्ली और IITM पुणे के साथ नया MoU किया जाएगा, जिसके तहत प्रदूषण के स्रोतों की वैज्ञानिक पहचान की जाएगी। इस बीच, DPCC ने 1,756 साइट्स का निरीक्षण कर 48 को सील किया और 7 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया। वाहन प्रदूषण पर भी सख्ती बढ़ी है और लाखों चालान जारी किए गए हैं।

Delhi News: राजधानी दिल्ली की लगातार खराब होती वायु गुणवत्ता के बीच दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए बड़ी कार्रवाई और रणनीति का ऐलान किया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को बताया कि दिल्ली सरकार प्रदूषण के स्रोतों की वैज्ञानिक पहचान के लिए IIT दिल्ली और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटियोरोलॉजी (IITM) पुणे के साथ एक नया समझौता (MoU) करने जा रही है। इस स्टडी के तहत यह पता लगाया जाएगा कि प्रदूषण किस स्रोत से आ रहा है, किस स्तर पर है और किन क्षेत्रों में इसकी तीव्रता ज्यादा है।

manjinder singh sirsa on delhi pollution

शनिवार को मीडिया से बातचीत करते दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा (चित्र साभार: PTI)

2018 की थी पिछली रिपोर्ट

पिछली वैज्ञानिक अध्ययन रिपोर्ट 2018 में आई थी, जबकि 2023 में कराई गई स्टडी को सरकार ने स्वीकार नहीं किया था। ऐसे में नए सोर्स-अपॉर्शनमेंट स्टडी की तत्काल जरूरत थी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा 23 अक्टूबर को CAQM को नए इमिशन इन्वेंट्री और स्टडी में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे। बता दें कि सोर्स-अपॉर्शनमेंट स्टडी एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि पर्यावरण में प्रदूषण किस-किस स्रोत से और कितनी मात्रा में आ रहा है। इसमें प्राकृतिक और मानव-निर्मित दोनों प्रकार के स्रोतों की पहचान की जाती है और यह निर्धारित किया जाता है कि किसी प्रदूषक (जैसे Particulate Matter) का कितना प्रतिशत वाहनों, उद्योगों, धूल या अन्य कारणों से पैदा हो रहा है।

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