PUBG Game: नाबालिग बेटे ने मां को मारी गोली, क्या बच्चे हो रहे हैं गेमिंग डिस्ऑर्डर के शिकार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 8, 2022, 08:59 AM IST

क्या बच्चे गेमिंग डिस्ऑर्डर का शिकार हो रहे हैं। दरअसल यह सवाल इसलिए है क्योंकि लखनऊ में एक नाबालिग लड़के ने अपनी मां को इसलिए गोली मार दी क्योंकि वो पबजी खेलने से मना कर रही थीं।

यूपी की राजधानी से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। एक नाबालिग ने अपनी मां को महज इसलिए मार डाला क्योंकि वो ऑनलाइन गेन पबजी खेलने से मना कर रही थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी नाबालिग पबजी खेलने का आदी था। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस का कहना है कि फारेंसिक टीम की जांच भी पूरी हो चुकी है। जांच के दौरान पता चला कि 16 साल के लड़के ने ही अपने मां को गोली मारी थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी लड़का पबजी खेलने का आदी था और उसकी मां मना करती थी। घटना वाले दिन भी मां ने मना किया और नाराज लड़के ने गोली मार दी। आरोपी ने पहले तो पुलिस को बहकाने की कोशिश की। लेकिन कड़ाई से पूछताछ में वो टूट गया और अपने गुनाह को कबूल कर लिया।

क्या है गेमिंग डिस्ऑर्डर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आधिकारिक तौर पर गेमिंग डिसऑर्डर को इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ डिजीज में एक बीमारी के रूप में शामिल किया है।गेमिंग डिसऑर्डर को गेमिंग (डिजिटल या वीडियो) पर बिगड़ा हुआ नियंत्रण द्वारा विशेषता व्यवहार के एक पैटर्न के रूप में परिभाषित किया गया है, इस हद तक अन्य गतिविधियों पर इसे प्राथमिकता दी जाती है कि गेमिंग अन्य रुचियों और दैनिक गतिविधियों पर पूर्वता लेता है, और गेमिंग की निरंतरता या वृद्धि के बावजूद नकारात्मक परिणामों की घटना।

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