1000 गाड़ियां चोरी करने वाला BSc पास चोर गिरफ्तार, हाई टेक्नोलॉजी का करता था इस्तेमाल

क्राइम
मोहित ओम
मोहित ओम | Senior correspondent
Updated Sep 30, 2021 | 22:15 IST

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे पढ़े लिखे शातिर चोर को गिरफ्तार किया जो हाई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके कार चोरी करता था। उसने दिल्ली एनसीआर में करीब 1000 गाड़ियां चोरी की है।

BSc pass thief arrested for stealing 1000 vehicles in Delhi, used high technology
बीएसपी पास कार चोर गिरफ्तार (तस्वीर सौजन्य-दिल्ली पुलिस) 
मुख्य बातें
  • नौकरी ना मिलने और गरीबी की वजह से दीपक राणा नाम के इस चोर ने जुर्म का रास्ता अपनाया।
  • उसने पिछले 3 वर्षों में 1000 से ज्यादा गाड़ियां चुराईं।
  • हाई टैक्नोलॉजी की मदद से लग्जरी कर को सिर्फ 3 से 5 मिनट में चोरी कर लेता था।

दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की एटीएस ने एक ऐसे कार चोर को गिरफ्तार किया है जिसने दिल्ली एनसीआर में करीब 1000 गाड़ियां चोरी की है। बीएससी पास यह कार चोर 32 साल का है। पढ़ाई लिखाई के बावजूद नौकरी ना मिलने और परिवार की गरीबी मिटाने के लिए दीपक राणा नाम के इस चोर ने जुर्म का रास्ता अपनाया। इसकी गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने कार चोरी समेत हत्या का प्रयास घरों में चोरी डकैती के करीब 12 मुकदमे सुलझाए हैं। 

कई शहरों में था सक्रिय

दीपक राणा ना सिर्फ दिल्ली एनसीआर बल्कि उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी चोरी और डकैती की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। पुलिस की पूछताछ में दीपक ने कबूल किया कि उसने पिछले 3 सालों में 1000 से ज्यादा गाड़ियों को चुराया है जिनको उसने अपने गृह जिले मेरठ में बेचा है। ये अकेले चोरी नहीं करता बल्कि चोरो का एक गैंग चलाता है जिसमें फिलहाल तीन लोग एक्टिव है। दीपक चाबियों की प्रोग्रामिंग टूल्स को ऑपरेट करने का माहरथी है जिनकी मदद से लग्जरी कर को महज 3 से 5 मिनट में यह लोग चोरी कर लेते थे और उसका साथी मोंटी उर्फ चम्पू उन कारों को मेरठ तक ड्राइव कर के ला जाता था और ये गैंग इन कारों वहीं ठिकाने लगा देते थे। इनकी चोरी की कारों का रिसीवर शोएब मलिक पुलिस से पकड़े जाने के डर से विदेश भाग गया है और इसके एक अन्य साथी रमजीत को मोहाली पुलिस ने 2 महीने पहले दिल्ली के विकास पूरी से गिरफ्तार किया है।

काफी मुश्किलों के बाद दिल्ली पुलिस ने पकड़ा

दिल्ली पुलिस को इसकी काफी वक्त से तलाश थी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी श्वेता चौहान ने बताया की एटीएस की एक ट्रेंड टीम को इनको पकड़ने का जिम्मा दिया गया। जिन्होंने ना सिर्फ फिजिकली बल्कि टेक्निकल सर्विलांस की मदद से इन चोरों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की, इस टीम को कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले जिसमें यह तो महज 3 से 5 मिनट के बीच में एक गाड़ी को खोल देते और उसको चुराकर मेरठ की तरफ ले जाते। दिल्ली पुलिस की टीम ने इनको पकड़ने के लिए मेरठ में भी दस दिन के लिए डेरा डाला था। तब पता चला इस गैंग के किंगपिन को "की प्रोग्रामिंग टैब" के बारे में अच्छी खासी जानकारी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दीपक राणा की तस्वीर दिल्ली पुलिस के पास थी, दिल्ली पुलिस को कुछ दिन पहले सूचना मिली कि दीपक अपनी पत्नी के साथ शिमला की तरफ जा रहा है दिल्ली पुलिस ने उसका पीछा किया और दीपक को शिमला के एक होटल से गिरफ्तार किया गया। इस को पकड़ने में दिल्ली पुलिस को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

इसके पास से क्या-क्या मिला

दिल्ली पुलिस को इनके पास से 5 गाड़ियां, फॉर्च्यूनर, क्रेटा, कीया, और ब्रेजा जैसी कार की 22 नकली चाबियां, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, कई गाड़ियों के ईसीएम, कार लॉक और एयर पंप इन से बरामद हुए। फिलहाल दीपक राणा दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में है लेकिन अभी भी इसके 3 साथी फरार हैं जिनकी तलाश के लिए दिल्ली पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है।

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