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Crime : मर्डर केस में बाल सुधार गृह में था बंद, बंदियों ने ले ली जान; हत्या या साजिश? बेटे की मौत पर परिजनों ने उठाए सवाल

दिल्ली के मजनू का टीला स्थित बाल सुधार गृह में दो बंदियों ने मिलकर एक किशोर की हत्या कर दी। मृतक हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपी था और उसे बाल गृह में रखा गया था।

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(सांकेतिक फोटो)

Photo : iStock

दिल्ली : उत्तरी दिल्ली के मजनू का टीला स्थित बाल सुधार गृह में नहाने को लेकर हुए झगड़े में एक किशोर की वहां रखे गये दो बंदियों ने हत्या कर दी । पुलिस ने बताया कि जिस किशोर की हत्या की गई है वह हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपी था। उसे हौज खास पुलिस थाना क्षेत्र में दर्ज किये गये मामले में हिरासत में लिया गया था। इस घटना को अंजाम देने वाले किशोरों में शामिल एक आरोपी पर भी हत्या की कोशिश का ही आरोप है। हमले में शामिल दूसरे बंदी पर मुंडका पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या के लिए सजा) और 34 (संयुक्त दायित्व) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस पीड़ित और दोनों आरोपियों की उम्र को सत्यापित कर रही है।

बाथरूम के इस्तेमाल को लेकर विवाद?

पुलिस के मुताबिक यह घटना मजनू का टीला इलाके के मैगजीन रोड स्थित स्पेशल होम फॉर बॉयज (ओएचबी-ए) में घटी। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बांठिया ने बताया कि लड़के को मंगलवार पूर्वाह्न 9.46 बजे हिंदू राव अस्पताल में मृत लाया गया घोषित कर दिया गया। प्रारंभिक जांच से खुलासा हुआ है कि सुबह करीब 9.15 बजे मृतक का नहाने के लिए बाथरूम के इस्तेमाल को लेकर दो अन्य अंत: वासियों से झगड़ा हुआ था।

बांठिया ने बताया कि मामले की जांच प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) द्वारा शुरू की गई है। संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट और मृतक के परिवार को सूचित कर दिया गया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा बीएनएसएस की धारा 196 (मजिस्ट्रेट द्वारा मौत के कारण की जांच) के तहत जांच की जा रही है। तिमारपुर पुलिस थाना में बीएनएस के खिलाफ धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। किशोर का शव अस्पताल के मोर्चरी में रखा गया है ।

इस बीच,मृतक के परिवार ने मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और अधिकारियों से सुधार गृह में लगे सीसीटीवी कैमरों की तस्वीर साझा करने का आग्रह किया है। मृतक की बहन ने बताया, ‘‘उसे 13 मई को पुलिस ने हिरासत में लिया था। हम उससे पिछले शुक्रवार को मिले थे। वह ठीक था और केवल अपनी जमानत के बारे में पूछ रहा था। घटना वाले दिन परिवार को अधिकारियों की ओर से फोन आया कि उसे दौरे पड़ने के बाद अस्पताल ले जाया गया है।

परिजन देखना चाहते हैं सीसीटीवी

मृतक की बहन ने बताया कि हम अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि अन्य बंदियों ने उसके साथ मारपीट की है। हम दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं। हम सीसीटीवी फुटेज भी देखना चाहते हैं ताकि पता चल सके कि उसके साथ वास्तव में क्या हुआ था? परिवार ने किशोर सुधार गृह के अंदर सुरक्षा की स्थिति पर भी सवाल उठाए।

मृतक की मां ने रोते हुए कहा कि मेरे बच्चे को मार डाला। उन्होंने कहा कि मैं गत शुक्रवार को उससे मिली थी और उसने अंदर परेशान किए जाने की शिकायत की थी। यह चौंकाने वाली बात है कि उसे उच्च सुरक्षा वाले सुधार गृह में मार दिया गया। उस समय सुरक्षाकर्मी क्या कर रहे थे? किशोर सुधार गृह हमेशा सीसीटीवी की निगरानी में रहते हैं। हम फुटेज देखना चाहते हैं और सच्चाई जानना चाहते हैं कि ऐसा कैसे हो सकता है।

मृतक के पिता ने बताया कि उनका बेटा मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। पिता ने कहा कि उसे 13 मई को पुलिस ने पकड़ा था। वह हर सोमवार को हमें फोन करते थे। फिर हमें फोन आया कि उसकी तबीयत खराब हो रही है और हमें अस्पताल आने को कहा गया। जब हम पहुंचे तो हमें बताया गया कि उसकी मौत हो चुकी है। हमें न्याय चाहिए।’

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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