नई दिल्ली: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी को कुछ सबूत हाथ लगे है जिसमें सोनम का पिस्टल और लैपटॉप भी बताया जा रहा है। पुलिस ने ओल्ड पलासिया के नाले में घंटों तलाशी अभियान के बाद सोनम रघुवंशी का लैपटॉप और एक पिस्टल बरामद की है।
सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद इन अहम सबूतों को नाले में फेंक दिया गया था, ताकि साजिश के डिजिटल सुराग मिटाए जा सकें। अब फॉरेंसिक टीम लैपटॉप और हथियार की गहराई से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि इसी लैपटॉप में हत्या की प्लानिंग, ट्रांजैक्शन और कनेक्शन की कड़िया दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि इन दो सबूतों के जरिए पुलिस हत्याकांड के सुराग तक पहुंच सकती है। माना जा रहा है कि इन डिजिटल सबूतों से साजिश के राज खुल सकते है।
राजा रघुवंशी की 23 मई को साजिशन हत्या हुई थी
मेघालय में हनीमून मनाने गए राजा रघुवंशी की 23 मई को साजिशन हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनकी पत्नी सोनम और कुशवाह समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। राजा रघुवंशी, मेघालय में हनीमून के दौरान 23 मई को लापता हो गए थे। उनका क्षत-विक्षत शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र (जिसे चेरापूंजी भी कहा जाता है) में एक झरने के पास गहरी खाई में दो जून को मिला था।
11 मई को हुई थी राजा-सोनम की शादी
राजा रघुवंशी का परिवार ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़ा है। उनकी सोनम से शादी 11 मई को हुई थी और दोनों 20 मई को हनीमून के वास्ते मेघालय गए थे। मेघालय पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) राजा रघुवंशी की हत्या के मामले की विस्तार से तहकीकात कर रहा है।
2 जून को मिला था राजा का शव
इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी का क्षत-विक्षत शव 2 जून को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा-चेरापूंजी इलाके में वेई सावडोंग पार्किंग स्थल के नीचे एक खाई से बरामद किया गया था। मामले में जांच आगे बढ़ी तो शक की सुई सोनम की तरफ घूमी। इसी बीच सोनम ने यूपी के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि इस घटना के पीछे सोनम मास्टरमाइंड थी । (एजेंसी इनपुट के साथ)
