क्राइम

राजा मर्डर केस में आया नया मोड़, नाले से निकला बैग; अब होगा सोनम से जुड़ा खुलासा

इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी को कुछ सबूत हाथ लगे है जिसमें सोनम का पिस्टल और लैपटॉप भी बताया जा रहा है। पुलिस ने ओल्ड पलासिया के नाले में घंटों तलाशी अभियान के बाद सोनम रघुवंशी का लैपटॉप और एक पिस्टल बरामद की है।

Image

राजा हत्याकांड में SIT की बड़ी कामयाबी

नई दिल्ली: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी को कुछ सबूत हाथ लगे है जिसमें सोनम का पिस्टल और लैपटॉप भी बताया जा रहा है। पुलिस ने ओल्ड पलासिया के नाले में घंटों तलाशी अभियान के बाद सोनम रघुवंशी का लैपटॉप और एक पिस्टल बरामद की है।

सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद इन अहम सबूतों को नाले में फेंक दिया गया था, ताकि साजिश के डिजिटल सुराग मिटाए जा सकें। अब फॉरेंसिक टीम लैपटॉप और हथियार की गहराई से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि इसी लैपटॉप में हत्या की प्लानिंग, ट्रांजैक्शन और कनेक्शन की कड़िया दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि इन दो सबूतों के जरिए पुलिस हत्याकांड के सुराग तक पहुंच सकती है। माना जा रहा है कि इन डिजिटल सबूतों से साजिश के राज खुल सकते है।

राजा रघुवंशी की 23 मई को साजिशन हत्या हुई थी

मेघालय में हनीमून मनाने गए राजा रघुवंशी की 23 मई को साजिशन हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनकी पत्नी सोनम और कुशवाह समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। राजा रघुवंशी, मेघालय में हनीमून के दौरान 23 मई को लापता हो गए थे। उनका क्षत-विक्षत शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र (जिसे चेरापूंजी भी कहा जाता है) में एक झरने के पास गहरी खाई में दो जून को मिला था।

11 मई को हुई थी राजा-सोनम की शादी

राजा रघुवंशी का परिवार ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़ा है। उनकी सोनम से शादी 11 मई को हुई थी और दोनों 20 मई को हनीमून के वास्ते मेघालय गए थे। मेघालय पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) राजा रघुवंशी की हत्या के मामले की विस्तार से तहकीकात कर रहा है।

2 जून को मिला था राजा का शव

इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी का क्षत-विक्षत शव 2 जून को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा-चेरापूंजी इलाके में वेई सावडोंग पार्किंग स्थल के नीचे एक खाई से बरामद किया गया था। मामले में जांच आगे बढ़ी तो शक की सुई सोनम की तरफ घूमी। इसी बीच सोनम ने यूपी के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि इस घटना के पीछे सोनम मास्टरमाइंड थी । (एजेंसी इनपुट के साथ)

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

और पढ़ें
End of Article