कर्नाटक धर्मस्थल मामला: बयान से पलट गया शिकायतकर्ता, कहा- बलात्कार और हत्या के दावे झूठे

सरकार ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। आगे चलकर, शिकायतकर्ता (पूर्व सफाईकर्मी) के खिलाफ ही यह आरोप आया कि उसने झूठी गवाही दी है और झूठे सबूत प्रस्तुत किए हैं। पुलिस और SIT ने मामले की FIR में कुछ नई धाराएं जोड़ी हैं, जैसे कि झूठी गवाही और फर्जी सबूत प्रस्तुत करने की धाराएं।

कर्नाटक के धर्मस्थल क्षेत्र से जुड़े बहुचर्चित मामले में नया मोड़ आ गया है। शिकायतकर्ता चिन्नैया ने शनिवार देर शाम अदालत के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर स्वीकार किया कि उसने पहले दिए गए आरोप और गवाही झूठी थी। अधिकारियों ने बताया कि उसका बयान बेल्थांगडी में अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दर्ज किया। जानकारी के अनुसार, शिवमोगा जेल में बंद 45 वर्षीय चिन्नैया को पुलिस सुरक्षा में अदालत लाया गया था। उसका बयान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 183 के तहत दर्ज किया गया।

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कर्नाटक धर्मस्थल केस में शिकायत कर्ता अपनी गवाही से पलटा (फाइल फोटो- PTI)

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