Prayagraj: मुठभेड़ में मुख्तार अंसारी गैंग के 2 कुख्यात शूटर ढेर, डिप्टी जेलर की हत्या की थी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 4, 2021, 09:09 AM IST

UP STF encounter in Prayagraj : उत्तर प्रदेश के एसटीएफ के सीओ ने गुरुवार को बताया कि प्रयागराज के अरैल में दो बदमाशों की मुठभेड़ में मौत हुई। इनकी पहचान वकील पांडे और अमजद उर्फ पिंटू के रूप में हुई है।

Prayagraj: मुठभेड़ में मुख्तार अंसारी गैंग के 2 कुख्यात शूटर ढेर, डिप्टी जेलर की हत्या की थी
Photo Credit: ANI

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स ने मुठभेड़ में कुख्यात शूटरों को मार गिराया है। इन दोनों शूटरों का नाम वकील पांडेय उर्फ राजू पांडेय और अमजद उर्फ पिंटू है। बताया जा रहा है कि ये दोनों मुन्ना बजरंगी और मुख्तार अंसारी गैंग के शूटर थे। उत्तर प्रदेश के एसटीएफ के सीओ ने गुरुवार को बताया कि प्रयागराज के अरैल में दो बदमाशों की मुठभेड़ में मौत हुई। इनकी पहचान वकील पांडे उर्फ राजू पांडे और अमजद उर्फ पिंटू के रूप में हुई है।

वाराणसी में इन्होंने 2013 में डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की हत्या कर दी थी। वकील पांडे के सिर पर 50,000 रुपए का इनाम घोषित था।पुलिस का कहना है कि ये दोनों अपराधी प्रयागराज में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में थे। 

प्रदेश में चल रहा ऑपरेशन क्‍लीन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की सत्ता संभालने के बाद भ्रष्टाचार और अपराध को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि अपराधी या तो जेल में होंगे या प्रदेश के बाहर। जिसका परिणाम यह हुआ कि यूपी पुलिस माफिया और कुख्यात अपराधियों पर कहर बनकर टूट पड़ी है। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने प्रदेश के भीतर ऑपरेशन क्‍लीन चलाया हुआ है।

130 से ज्‍यादा अपराधी हुए ढेर
सीएम योगी के कार्यकाल में पिछले साल 15 दिसंबर तक कुल 129 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए और 2782 घायल हुए। अभी तक 25 हजार के ईनामी 9157 अपराधी, 25 से 50 हजार के ईनामी 773 अपराधी और 50 हजार से अधिक के 91 ईनामी अपराधी यानि कुल 10,021 जेल भेजे गए। एनकाउंटर में मारे गए अपराधियों का नंबर अब 130 से ऊपर जा चुका है।

माफिया से ही वसूला जा रहा हर्जाना
योगी सरकार में गैंगेस्टर अधिनियम के तहत 25 से ज्यादा माफिया की आपराधिक कृत्य से अर्जित की गई आठ अरब 95 करोड़ 41 लाख रुपए से अधिक की चल-अचल अवैध सम्पत्तियों पर शिकंजा कसते हुए सरकारी भूमि मुक्त कराने, अवैध कब्जे के ध्वस्तीकरण और जब्तीकरण की कार्यवाही की गई। खास बात यह है कि अवैध संपत्तियों को ढहाने और कब्जा मुक्त कराने में जो खर्च आ रहा है, वह भी अपराधियों और माफिया से वसूला जा रहा है।

'उत्तर प्रदेश में कानून का शासन'
कुछ समय पहले योगी आदित्‍यनाथ के ऑफ‍िस की तरह से बयान जारी कर कहा गया कि उत्तर प्रदेश में कानून का शासन है। यहां के शब्दकोष में अवैध, अनैतिक व अराजक जैसे शब्द नहीं हैं। मुख्तार अंसारी जैसा माफिया हो या कोई भी अन्य अपराधी, योगी सरकार जीरो टॉलरेंस के साथ इनके कुकृत्यों पर पूर्णविराम लगाने को प्रतिबद्ध है। जनभावनाओं के अनुरूप कार्रवाई जारी रहेगी।

End of Article