कोरोना के डर से युवक ने मौत को गले लगाया, कई दिनों से था सर्दी और बुखार

मध्य प्रदेश में एक युवक ने कोरोना के खौफ में खुदकुशी कर ली। युवक के कमरे से सुसाइड नोट मिला है।

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सांकेतिक फोटो 

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक युवक ने कोरोना वायरस के डर में मौत को गले लगा लिया। मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) की यूनिट में कर्मचारी युवक ने ग्वालियर में किराए के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की। मृतक की पहचान दिलीप सिंह के  रूप में हुई है। एहतियात के तौर पर दिलीप होम क्वारंटीन में था। दिलीप को आशंका थी कि वह कोविड-19 से संक्रमित है। उसने एक महीने तक बार-बार टेस्ट करानी की गुजारिश की जिसे डॉक्टर्स ने नकार दिया।

कमरे से मिला दो पेज का सुसाइड नोट

दिलीप के कमरे से दो पेज का सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने कोरोना के खौफ का जिक्र किया है। उसने हेल्थ ऑफिशियल्स पर कोरोना टेस्ट के लिए 'अनुचित देरी' करने का आरोप लगाया है। हालांकि, मौत के बाद शनिवार को उसका सैंपल कलेक्ट किया गया। दिलीप हरियाणा के सोनीपत जिले का रहने वाला था।  पुलिस ने कहा कि दिलीप ने नोट में लिखा, 'मैं कोरोना से संक्रमित हूं इसका मुझे यकीन नहीं है। लेकिन पड़ोसी मुझसे डरते हैं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते बात मेरी मौत तक आ गई है।'

जाहिर तौर पर मध्य प्रदेश में कोविड-10 के डर से आत्महत्या का यह पहला मामला है। राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। यहां 31 जिलों में 2,500 से अधिक पॉजिटिव मामल सामने आ चुके हैं जबकि 137 मौतों की जान चली गई है। पुलिस ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से दिलीप को को सर्दी और बुखार था जिसकी वजह से उसे लगा कि वह कोरोनो वायरस से संक्रमित है।

दिलीप ने पिछले महीने में कई बार किया कॉल

ग्वालियर के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि दिलीप कोविड-19 को लेकर बहुत चिंतित था और उसने पिछले महीने में कई बार अपना सैंपल कलेक्ट करने के लिए 'सेंट्रल कमांड सेंटर' में कॉल की था। उसने पहली कॉल 30 मार्च को की थी। कलेक्टर ने कहा, 'टेलीफोन पर बातचीत के बाद दिलीप को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन की सलाह दी गई थी।'उसने फिर 12 अप्रैल को कॉल किया और अनुरोध करते हुए कि क्या एक मेडिकल टीम उसका सैंपल कलेक्टर कर सकती है।' 

'दिलीप टाइफाइड की दवा ला रहा था'

कलेक्टर ने कहा, 'उसने तीसरा कॉल 21 अप्रैल को किया था। हमने उसका सैंपल कलेक्ट करने के लिए एक टीम भेजी, लेकिन वह अपने घर से नहीं निकला। उसकी आखिरी कॉल 30 अप्रैल को आई थी जिसके बाद हमने मोबाइल मेडिकल टीम भेजने का फैसला किया था। मगर उसका भी कोई फाएदा नहीं हुआ।' कलेक्टर ने कहा कि दिलीप टाइफाइड की दवा ला रहा था। उसने हेल्थ ऑफिशियल्स द्वारा कोविड-19 और अन्य मेडिकल टेस्ट के लिए अपना सैंपल कलेक्टर करने की गुजारिश की थी। ग्वालियर के एसपी नवनीत भसीन ने कहा, 'जिला पंचायत के सीईओ और एक आईएएस अधिकारी को इस मामले की जांच करने के लिए कहा गया है।'

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