'महिला IPS ने तबाह कर दी जिंदगी, इसलिए खुदकुशी कर रहा हूं', युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 11, 2021, 10:51 AM IST

Lucknow Crime: मृतक युवक की पहचान विशाल सैनी के रूप में हुई है। 26 साल का विशाल  संविदा पर एक वरिष्ठ नौकरशाह के कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करता था। 

'महिला IPS ने तबाह कर दी जिंदगी, इसलिए खुदकुशी कर रहा हूं', युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
Photo Credit: PTI

लखनऊ : लखनऊ में एक युवक के ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी करने का मामला सामने आया है। दरअसल, इस युवक ने आत्महत्या करने से पहले आईपीएस प्राची सिंह पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। युवक ने अपने सुसाइड नोट में आरोप लगाया है कि प्राची सिंह ने सेक्स रैकेट केस में उसे फंसाया जिससे उसकी जिंदगी तबाह हो गई। युवक ने बुधवार शाम चांदगंज इलाके में खुदकुशी की। हालांकि, पुलिस ने उसके आरोपों को खारिज किया है। मृतक युवक की पहचान विशाल सैनी के रूप में हुई है। 26 साल का विशाल  संविदा पर एक वरिष्ठ नौकरशाह के कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करता था। 

सुसाइड नोट में आईपीएस प्राची सिंह को जिम्मेदार ठहराया
रिपोर्टों के मुताबिक विशाल ने छोड़े गए अपने सुसाइट नोट में लिखा है, 'मेरी मौत के लिए प्राची सिंह (आईपीएस 2017 बैच) जिम्मेदार हैं। सेक्स रैकेट केस में मुझे फंसाकर उन्होंने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। मैं अपने माता-पिता और परिवार के सदस्यों को अपना चेहरा नहीं दिखा पाऊंगा। मेरी मौत के खिलाप आईपीएस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।' रिपोर्ट के अनुसार खुदकुशी करने से पहले विशाल ने 112 नंबर पर पुलिस को फोन किया था। मौके जब पुलिस पहुंची तो उसे विकाश का शव दो टुकड़ों में मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

प्राची सिंह ने घटना पर अफसोस जताया
अपने खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप पर लखनऊ में डेप्युटी कमिश्नर (नॉर्थ) के रूप में तैनात आईपीएस अधिकारी प्राची सिंह ने कहा कि कुछ दिनों पहले उनकी टीम ने शहर में छह मसाज पॉर्लर एवं स्पा सेंटर्स पर छापे मारे और वहां से करीब 20 लोगों को पकड़ा। उन्होंने कहा, 'पकड़े गए लोगों में विशाल भी शामिल था लेकिन उसे निर्दोष पाने के बाद हमने उसे जाने दिया। खुदकुशी करने वाला कदम उठाने पर मुझे अफसोस है।' पीड़ित परिजनों का कहना है कि पुलिस ने एक स्पा सेंटर पर छापा मारा तो विशाल वहीं सड़क की एक दुकान में खाना खा रहा था। 

पिता ने कहा-झूठे केस में वह 20 दिनों तक जेल में रहा
विशाल के पिता ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि पुलिस ने वहां से उसे क्यों उठाया। वह करीब 20 दिनों तक जेल में रहा। इसके बाद उसे रिहा किया गया। पुलिस को उसके खिलाफ कोई केस नहीं मिला। जेल से आने के बाद वह बहुत अवसाद में था।' लखनऊ स्थित पुलिस कमिश्नरी ने बुधवार देर शाम प्रेस रिलीज जारी करके आईपीएस प्राची पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।

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