झारखंड: छोटी बहन से जबरन देह व्यापार कराना चाहती थी बड़ी बहन, विरोध करने पर कर दी हत्या

Jharkhand: झारखंड में नाबालिग लड़की की इसलिए हत्या कर दी गई, क्योंकि वो अपनी बहन की तरह वेश्यावृत्ति में शामिल नहीं होना चाहती थी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर 

नई दिल्ली: झारखंड के सोनार बांध के पास से सात महीने पहले लापता हुई 17 वर्षीय एक युवती का शव बरामद किया गया है। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। नाबालिग की कथित तौर पर उसकी बहनों राखी देवी (30) और रूपा देवी (25), बहनोई धनंजय अग्रवाल (30) और प्रेमी प्रताप कुमार सिंह और नीतीश ने हत्या कर दी थी।

फरार चल रहे नीतीश को छोड़कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची भेज दिया गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृतका के सिर में चोट आईं। हालांकि, उसकी बहनों ने आरोप लगाया कि नाबालिग की मौत आत्महत्या से हुई है।

'इंडिया टुडे' की खबर के अनुसार, सदर एसडीपीओ के विजय शंकर ने कहा कि नाबालिग पांच बहनों में दूसरी सबसे छोटाी थी और उसके माता-पिता दोनों की मौत हो चुकी है। वह सुदना में अपनी बड़ी बहन राखी के साथ रहती थी, जो वेश्यावृत्ति में लिप्त थी। राखी और धनंजय ने मृतका को जबरन देह व्यापार में धकेला। वे उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध ग्राहकों के पास भेजते थे। उसका एक लड़के से अफेयर चल रहा था और वह उससे शादी करना चाहती थी, लेकिन राखी इसके खिलाफ थी। इसी बीच राखी के दो प्रेमी प्रताप और नितेश को लड़की में दिलचस्पी हो गई।

उन्होंने बताया कि दोनों उसके साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहते थे और राखी के घर जाते थे और व्यभिचार में लिप्त होते थे। राखी ने इस प्रयास में अपने दोनों प्रेमियों की सहायता की। हत्या से दो दिन पहले प्रताप राखी के घर पहुंचा था। योजना के अनुसार, प्रताप ने मृतका के साथ बलात्कार किया, जबकि राखी मौजूद नहीं थी। उन्होंने 17 वर्षीय की हत्या कर दी और उसके शव को फांसी पर लटका दिया।

मर्डर के बाद राखी ने रूपा और धनंजय को फोन किया। धनंजय एक ऑटो-रिक्शा के साथ पहुंचे और वे पांचों फिर शव को दफनाने के लिए एक सुनसान स्थान पर ले गए। दफन के लिए ले जाने से पहले मृतक के कपड़े रूपा के घर पर बदले गए थे। 

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