Nikita Tomar murder case : निकिता तोमर के हत्यारे को फांसी के फंदे तक ले जा सकते हैं ये सबूत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 6, 2020, 09:29 AM IST

बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर की हत्या 28 अक्टूबर को बल्लभगढ़ में उस वक्त कर दी गई जब वह परीक्षा देकर घर लौट रही थी। आरोपी तौसीफ कॉलेज के बाहर निकिता का इंतजार कर रहा था।

Nikita Tomar murder case : निकिता तोमर के हत्यारे को फांसी के फंदे तक ले जा सकते हैं ये सबूत

फरीदाबाद : निकिता तोमर हत्या केस में फरीदाबाद पुलिस ने अपना आरोपपत्र तैयार कर लिया है। 600 पेज के इस आरोपपत्र में करीब 60 चश्मदीदों के बयान शामिल किए गए हैं। यही नहीं, मामले की जांच करने वाली एसआईटी ने हत्याकांड में अहम सबूत जुटाए हैं जो हत्यारे को फांसी के फंदे तक ले जा सकते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक एसआईटी ने घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज, वारदात में इस्तेमाल देसी कट्टा, आरोपी के हाथ में लगा गन पाउडर, कपड़ों और कार की फॉरेंसिक रिपोर्ट मुख्य सबूत के तौर पर पेश किया है। ये ऐसे सबूत हैं जो आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने में मदद करेंगे।

तौसीफ ने कॉलेज का दो बार रेकी किया था
टाइम्स नाउ के हाथ आरोपपत्र का ब्योरा लगा है। इसके मुताबिक निकिता की हत्या करने के लिए तौसीफ ने कॉलेज का दो बार रेकी किया था। हत्याकांड की जांच में शामिल एसआईटी के एक सदस्य ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया, 'यह एक सुनियोजित हत्या थी। आरोपी देसी कट्टे और कारतूस से लैस होकर हत्या करने के इरादे से आया था। निकिता को प्वाइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारी गई।' चार्जशीट में कहा गया है कि घटना से एक दिन पहले निकिता की बातचीत आरोपी से हुई थी। पुलिस ने अपने आरोपपत्र में तौसीफ, रेहान और हथियार की व्यवस्था करने वाले व्यक्ति को आरोपी बनाया है। 

28 अक्टूबर को कॉलेस से लौटते समय हुई निकिता की हत्या
बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर की हत्या 28 अक्टूबर को बल्लभगढ़ में उस वक्त कर दी गई जब वह परीक्षा देकर घर लौट रही थी। आरोपी तौसीफ कॉलेज के बाहर निकिता का इंतजार कर रहा था। निकिता जब वहां पहुंची तो तौसीफ ने उसे जबरन कार में बिठाने की कोशिश की। बीकॉम की छात्रा ने जब इसका विरोध किया तो तौसीफ ने उसे नजदीक से गोली मार दी। तौसीफ के साथ उसका दोस्त रेहान भी था। घटना के बाद दोनों कार से फरार हो गए। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। 

2018 में भी हुआ था निकिता का अपहरण
तौसीफ ने साल 2018 में भी निकिता का अपहरण किया था। इस मामले में उसके खिलाफ पुलिस में केस भी दर्ज हुआ था लेकिन बाद में दोनों परिवारों के बीच समझौता हो गया जिसके बाद मामले को रफा-दफा कर दिया गया। निकिता के परिवार का आरोप है कि तौसीफ शादी के लिए निकिता पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाल रहा था। परिवार ने उस पर 'लव जिहाद' का आरोप लगाया है। जबकि तौसीफ के परिवार ने 'लव जिहाद' के आरोप से इंकार किया है। 

'निकिता से नाराज चल रहा था तौसीफ'
रिपोर्ट के मुताबिक जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि पूछताछ में तौसीफ ने पुलिस को बताया कि उसे संदेह था कि निकिता का संबंध किसी और छात्र के साथ चल रहा है और इस बारे में उसने बात करने की कोशिश की लेकिन वह उसका फोन नहीं उठा रही थी और उसे वाट्सअप पर भी ब्लॉक कर दिया था। इससे वह नाराज हो गया और निकिता की हत्या करने की साजिश रची।
 

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