Cuttack Gangrape : 17 साल की लड़की के साथ 22 दिनों तक गैंगरेप, मां-बाप से लड़कर घर से भागी थी  

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 15, 2020, 07:48 AM IST

अधिकारियों ने बताया कि लड़की के पोल्ट्री फॉर्म में मौजूद होने की जानकारी गांव वालों ने पुलिस को दी। गांव वालों को अंदेशा था कि फॉर्म में कुछ गलत हो रहा है, इसके बाद पुलिस ने वहां छापा मारा और लड़की को वहां से न

Cuttack Gangrape : 17 साल की लड़की के साथ 22 दिनों तक गैंगरेप, मां-बाप से लड़कर घर से भागी थी  
Photo Credit: PTI

कटक : हाथरस घटना के बाद देश का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है कि ओडिशा के कटक से एक और शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 17 साल की लड़की को अगवा कर उसके साथ 22 दिनों तक सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि लड़की का अपने माता-पिता के साथ झगड़ा हुआ था जिसके बाद वह घर छोड़कर चली गई थी। यह घटना जगतसिंहपुर जिले के तिरतोल इलाके की है। 

घर ले जाने की जगह लड़की को दूसरी जगह ले गया आरोपीा
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक घर से निकली इस लड़की को एक व्यक्ति ओएमपी चौराहे पर मिला और उससे घर छोड़ने की बात कही। युवक लड़की को उसके घर ले जाने की जगह चौलीगंज पुलिस स्टेशन इलाके के एक गांव में ले गया। यहां पर उसने लड़की को एक पोल्ट्री फॉर्म के कमरे में कैद किया और फिर उसके साथ 22 दिनों तक गैंगरेप हुआ। लड़की के साथ दो व्यक्ति लगातार दुष्कर्म करते रहे। 

गांव वालों ने पुलिस को दी जानकारी
अधिकारियों ने बताया कि लड़की के पोल्ट्री फॉर्म में मौजूद होने की जानकारी गांव वालों ने पुलिस को दी। गांव वालों को अंदेशा था कि फॉर्म में कुछ गलत हो रहा है, इसके बाद पुलिस ने वहां छापा मारा और लड़की को वहां से निकाला। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि दूसरे को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।  

दूसरे आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश जारी
कटक के डिप्टी कमिश्नर प्रतीक सिंह का कहना है कि दूसरे आरोपी को दबोचने के लिए पुलिस की एक टीम बनाई गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़की को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश किया गया जहां से उसे अनाथालय भेजा गया है। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (2) (सी) और 376 (2) (जी) एवं धारा 34 लगाई गई है। 

विपक्ष ने बीजद सरकार पर बोला ूहमला
गैंगरेप की यह घटना सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने बीजेडी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस के प्रवक्ता निशिकांत मिश्रा ने कहा कि यह घटना बताती है कि राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने पीड़ित लड़की के परिवार वालों को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने और मामले की जांच क्राइम ब्रांच से कराने की मांग की है।

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