मां की हत्या की, फिर अंगों को भूनकर खाया था, पार की थीं क्रूरता की हदें, अब हुई फांसी की सजा

महाराष्ट्र की एक अदालत ने उस शख्स को फांसी की सजा सुनाई है जिसने अपनी मां की हत्या कर दी थी और फिर उसके अंगों को भूनकर खाया था।

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प्रतीकात्मक तस्वीर 

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के कोल्हापुर की एक स्थानीय अदालत ने 35 साल के एक मजदूर को अपनी मां की हत्या करने और खाने से पहले उसके अंगों को भूनने के लिए मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि उसका अपराध उसके शैतानी स्वभाव के कारण दुर्लभतम से दुर्लभतम मामलों में से है।

कोल्हापुर के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महेश कृष्णजी जाधव ने सुनील रमा कुचकोरवी को हत्या के अपराध में मृत्यु होने तक फांसी पर लटकाने की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने कहा कि इस घटना ने समाज की सामूहिक अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया था। अदालत ने आगे कहा कि ये न केवल एक हत्या थी, बल्कि यह अत्यधिक क्रूरता और बेशर्मी थी।

जज ने यह भी देखा कि आरोपी को कृत्य के बाद कोई पश्चाताप नहीं था। अदालत ने कहा, 'उसने (मां) जो दर्द सहा था, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। शराब की लालसा पूरी करने के लिए उसने यह वारदात की है। उसने अपनी लाचार मां के जीवन का जबरन सफाया कर दिया जो मातृत्व का परम अपमान है।'

ये है पूरा मामला

सुनील रमा कुचकोरवी ने अगस्त 2017 में अपनी मां की हत्या की थी। हत्या के तुरंत बाद कुचकोरवी के पड़ोस में एक बच्चे ने उसे अपनी मां के शव के पास खून के धब्बों से लथपथ देखा। बच्चे के शोर-शराबे पर आसपास के लोगों ने पुलिस को फोन कर दिया। प्रथम दृष्टया निरीक्षण के लिए मौके पर पहुंचे पुलिस निरीक्षक भाऊसाहेब मालगुंडे ने देखा कि शव खून से लथपथ था और बाहर अंग छिटक गए थे। मालगुंडे ने देखा कि मां का हृदय एक थाली में था, जबकि कुछ अन्य अंग तेल टिन में थे।   

पत्नी छोड़ चुकी थी

मालगुंडे ने घर के बाहर जमा हुई गुस्साई भीड़ से कुचकोरवी को बचाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, कुचकोरवी शराब का आदी था। उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया था क्योंकि वह उसके साथ मारपीट करता था। वह अपनी मां के साथ रहता था जो उसे भोजन उपलब्ध कराती थी। लेकिन वह हमेशा उससे झगड़ा करता था क्योंकि वह अपनी शराब की लत को पूरा करने के लिए उससे पेंशन की मांग करता था।

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