पुलिसवाले से खाने का पैसा मांगना ढाबा मालिक को पड़ा भारी, फर्जी मुठभेड़ में फंसाकर 10 लोगों को किया अरेस्ट

क्राइम
किशोर जोशी
Updated Mar 25, 2021 | 21:18 IST

उत्तर प्रदेश के एटा में खाने का बिल मांगने पुलिसकर्मी इस कदर गुस्सा हुए कि एक ढाबा मालिक समेत 10 लोगों को फर्जी मुठभेड़ में फंसाकर एफआईआर दर्ज कर दी।

Asked To Pay UP Cops Frame Dhaba Owner, 9 Others In 'Fake Encounter
पुलिसवाले से खाने का पैसा मांगना ढाबा मालिक को पड़ा भारी 
मुख्य बातें
  • मामला एटा की देहात कोतवाली का है, जहां ढाबा मालिक को पुलिस ने फर्जी मामले में फंसाया
  • पुलिसकर्मी से खाने का बिल लेना पड़ा ढाबा मालिक को महंगा
  • ढाबा मालिक की शिकायत पर जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश

एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में वर्दी को दागदार करने का एक ऐसा मामला सामने आया है जहां पुलिसवालों ने खाने का बिल मांगने पर ढाबे वाले के खिलाफ ऐसा कृत्य किया जिससे हर कोई हैरान है। आरोी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला यूपी के एटा जिले से है जहां ढाबे पर खाने के पैसे मांगने पर उसके मालिक समेत 10 लोगों को पुलिस ने झूठे मामले में फंसा दिया।   झूठे मामले में फंसाने के आरोप में एक हेड कांस्टेबल शैलेंद्र तथा अन्य के खिलाफ प्रथामिकी दर्ज की गई है।

क्या है आरोप
पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में झाबा मालिक ने आरोप लगाया कि चार फरवरी को उनके ढाबे पर कोतवाली (देहात) में तैनात पुलिसकर्मी शैलेंद्र यादव व संतोष यादव खाना खाने पहुंचे और वे नशे में धुत्त थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, वहां उनके खाने का बिल 400 रुपये बना लेकिन वे खाने के पैसे नहीं दे रहे थे। इस पर वहां खाना खा रहे अन्य लोगों के कहने पर पुलिसकर्मी 100 रुपये देने लगे लेकिन पूरा पैसा मांगने पर अपशब्द कहने लगे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इसके बाद दोनों में कहा सुनी हो गयी और उन्होंने कोतवाली फोन कर दिया जहां से दो गाड़ियों में पुलिसकर्मी और प्रभारी निरीक्षक वहां आ गए।

फंसा दिया झूठे मामले में
शिकायत के मुताबिक इसके बाद यहां पहुंची पुलिस ढाबा मालिक सहित यहां खाना खाने आए 10 और लोगों को पकड़कर ले गई। इसके बाद जो हुआ उसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। पैसे मांगने से खिन्न पुलिसवालों ने ढाबे के मालिक सहित अन्य लोगों को झूठे मामले में फंसा दिया। ढाबे के माालिक पुष्पेंद्र के भाई प्रवीण ने अपनी शिकायत में में आरोप लगाया गया है कि निरीक्षक कोतवाली (देहात) इंद्रेश पाल सिंह और दो हेड कांस्टेबल शैलेन्द्र और संतोष कुमार ने 10 लोगों को झूठे मामले में फंसाया है।


 

ऐसे रची साजिश
पीटीआई के मुताबिक, एसपी कुमार ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने स्थानीय शराब माफिया बंटू यादव की मदद ली, जिन्होंने कथित तौर पर पुलिस को अवैध शराब और 'गांजा' मुहैया कराया था। और फिर ढाबे पर छापा मारकर वहां से देसी पिस्तौल, शराब, गांजा की बरामदगी दिखाते हुए 10 लोगों को फर्जी मुठभेड़ में फंसाकर अरेस्ट कर लिया।  इतना ही नहीं पुलिस ने गिरफ्तार लोगों में से कुछ पर हत्या के प्रयास, आबकारी अधिनियम की धाराओं, शस्त्र अधिनियम और एनडीपीएस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था।

जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश
जिलाधिकारी ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल पुलिस नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच में जुटी है पुलिस की मदद करने वाले  शराब माफिया बंटू यादव सहित अन्य के ठिकानों पर पुलिस टीम ने दबिश दी, लेकिन अभी तक पुलिस के हत्थे कोई भी आरोपी नहीं लगा है।
 

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