BCCI Elections: क्या जय शाह बनेंगे बीसीसीआई के नए अध्यक्ष?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 15, 2022, 12:35 PM IST

क्या संविधान संशोधन को बीसीसीआई की हरी झंडी दिखाए जाने के बाद जय शाह बीसीसीआई के नए मुखिया बन सकते हैं?

BCCI Elections: क्या जय शाह बनेंगे बीसीसीआई के नए अध्यक्ष?
Photo Credit: Twitter

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीसीसीआई के संविधान में पदाधिकारियों के कार्यकाल और कूलिंग ऑफ पीरियड में बदलाव की हरी झंडी दिखाए जाने के बाद एक नई बहस भारतीय क्रिकेट गलियारों में छिड़ गई है। कोर्ट के फैसले के बाद सौरव गांगुली और जय शाह को बीसीसीआई में प्रशासनिक पद पर एक और कार्यकाल पूरा कर सकेंगे।

जय शाह के समर्थन में हैं 15 राज्य किकेट संघ
ऐसे में कयास लगने लगे हैं कि क्या 33 वर्षीय जय शाह बीसीसीआई के अध्यक्ष बनेंगे? माना जा रहा है कि तकरीबन 15 राज्य क्रिकेट संघ जयशाह को बीसीसीआई अध्यक्ष बनाए जाने के समर्थन में हैं। अगर ऐसा होता है तो वो बीसीसीई के सबसे युवा अध्यक्ष बन सकते हैं।

सितंबर में पूरा हो रहा है पिछली कार्यकारिणी का कार्यकाल
सुप्रीम कोर्ट द्वारा संविधान में बदलाव को हरी झंडी दिखाए जाने के बाद बीसीसीआई सालाना जनरल असंबली मीटिंग का आयोजन करेगा। ऐसे में नए सिरे से अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बीसीसीआई नोटिस जारी करेगा। बीसीसीआई के मौजूदा प्रशासकों का कार्यकाल सितंबर में पूरा हो रहा है। उसके बाद नए सिरे से बोर्ड के चुनाव होंगे।

कोरोना में आईपीएल के आयोजन का जय शाह को मिल रहा है श्रेय
इंडियन एक्सपेस की रिपोर्ट के मुताबिक 15 राज्य क्रिकेट संघ जय शाह को बीसीसीआई का नया अध्यक्ष बनाए जाने के पक्ष में हैं। कई लोगों का मानना है कि कोरोना के दौरान आईपीएल का आयोजन जय शाह के प्रयासों से ही संभव हो सका। आईपीएल के मीडिया राइड्स 48,390 करोड़ की मोटी कीमत पर बिके जिससे बोर्ड का खजाना खचाखच भर सका। राज्य क्रिकेट संघों के एक अहम पदाधिकारी ने कहा, वक्त आ गया है कि जय शाह बोर्ड की बागडोर अपने हाथों में लें सभी राज्य संघ उनका समर्थन करने को तैयार हैं।

अक्टूबर 2019 में संभाला था गांगुली और जयशाह ने कार्यभार
बीसीसीआई का नया संविधान लागू होने के बाद अक्टूबर 2019 में लोढ़ा समिति के अनुशंसाओं के अनुरूप बोर्ड की कमान सौरव गांगुली और जयशाह ने संभाली थी। उसी साल दिसंबर में आयोजित एजीएम में बीसीसीआई की एजीम ने संविधान नें संशोधन के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!