सचिन को आउट करने पर मुझे और अंपायर को मिलती थी धमकियां, अंग्रेज ने किया बड़ा खुलासा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 8, 2020, 06:35 AM IST

Sachin Tendulkar fans threatened Tim Bresnan: पूर्व भारतीय बल्लेबाज मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को गलत तरह से आउट करार देना एक बार गेंदबाज और अंपायर को काफी भारी पड़ गया था।

सचिन को आउट करने पर मुझे और अंपायर को मिलती थी धमकियां, अंग्रेज ने किया बड़ा खुलासा
Photo Credit: AP, File Image

लंदन: सचिन तेंदुलकर ने अपने जमाने में ऐसी छाप छोड़ी थी कि करोड़ों भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए मैच में सिर्फ सचिन की बैटिंग मायने रखती थी। आलम ये था कि सचिन के जल्दी आउट होने पर कुछ लोग उठकर चल देते थे। किसी क्रिकेटर को लेकर ऐसी दीवानगी कम ही देखी गई है। कभी-कभी इस दीवानगी का आक्रामक और खराब रूप भी नजर आया। एक वाकया ऐसा था जब सचिन को गलत आउट देने के बाद विरोधी गेंदबाज और अंपायर को कई बार जान से मारने की धमकी मिली। अब उस गेंदबाज ने खुद खुलासा किया है।

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज टिम ब्रेसनेन ने दावा किया है कि 2011 में टेस्ट के दौरान महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक से महरूम करने के बाद उन्हें और ऑस्ट्रेलियाई अंपायर रॉड टकर को जान से मारने की धमकी मिली थी। ब्रेसनेन ने कहा कि 2011 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तेंदुलकर ने अपना 99वां शतक पूरा किया था और ओवल में चौथे टेस्ट की दूसरी पारी में वह जब 91 रन बनाकर खेल रहे थे तब उनकी गेंद पर टकर ने इस बल्लेबाज को LBW करार दिया था।

गलत था फैसला, खुद किया स्वीकार

टिम ब्रेसनेन ने ‘यॉर्कशर क्रिकेट: कवर्स आफ’ पॉडकास्ट के दौरान खुद स्वीकार किया कि वो फैसला गलत था। उन्होंने कहा, ‘वो गेंद संभवत: लेग साइड से बाहर जा रही थी और ऑस्ट्रेलिया के अंपायर टकर ने उसे आउट दे दिया। वो 80 के आसपास (असल में 91) रन बनाकर खेल रहा था और निश्चित रूप से शतक बना लेता। हम सीरीज जीते और दुनिया की नंबर एक टीम बने। हम दोनों को जान से मारने की धमकी मिली, मुझे और उस अंपायर को, इसके बाद कई बार हमें जान से मारने की धमकी मिलती रही। मुझे ट्विटर पर धमकी मिली और उसे लोगों ने उसके घर के पते पर पत्र लिखे। जान से मारने की धमकी के साथ लिखा था कि तुमने उसे आउट कैसे दे दिया? गेंद लेग साइड से बाहर जा रही थी।’

सुरक्षा बढ़ानी पड़ी

ब्रेसनेन के अनुसार इन धमकियों को देखते हुए टकर को अपनी सुरक्षा बढ़ानी पड़ी। उन्होंने कहा, ‘कुछ महीनों बाद वह मुझसे मिले और कहने लगा कि दोस्त, मुझे सुरक्षा गार्ड रखना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया में उसके घर के आसपास पुलिस की सुरक्षा थी।’ तेंदुलकर इसके बाद 2012 एशिया कप के दौरान बांग्लादेश के खिलाफ शतकीय पारी खेलकर अपनी अपने शतकों का सैकड़ा पूरा कर पाए। अक्टूबर 2013 में संन्यास लेने वाले तेंदुलकर 100 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ने वाले दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं। उन्होंने टेस्ट और वनडे क्रिकेट में क्रमश: 15921 और 18426 रन बनाए।

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