लक्ष्मण ने गांगुली और द्रविड़ के बीच मौजूदा साझेदारी को बताया 'वेरी वेरी स्पेशल'

VVS Laxman on Rahul Darvid and Sourav Ganguly's currunt Partnership: दिग्गज बल्लेबाज रहे वीवीएस लक्ष्मण ने सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ के बीच की मौजूदा साझेदारी को भारतीय क्रिकेट के लिए स्पेशल बताया है।

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ganguly-dravid  |  तस्वीर साभार: Twitter

मुंबई: भारत के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में शुमार वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि यदि भारतीय क्रिकेट टीम को सभी फॉर्मेट में सफल होना चाहती है तो बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली और एनसीए के प्रमुख राहुल द्रविड़ की साझेदारी, भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने में काफी अहम होगी।

गांगुली को पिछले साल अक्टूबर में बीसीसीआई के नए संविधान के लागू होने के बाद बोर्ड का 39वां अध्यक्ष चुना गया था। वहीं राहुल द्रविड़ को जुलाई में एनसीए का मुखिया नियुक्त किया गया था। ऐसे में लक्ष्मण ने स्टार स्पोर्ट्स के शो क्रिकेट कनेक्टेड के दौरान कहा, अगर भारतीय टीम सभी प्रारूप में सफल होना चाहती है, तो यह साझेदारी हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुझे लगता है कि हर कोई महत्वपूर्ण है, टीम के कप्तान, एनसीए प्रमुख और बीसीसीआई अध्यक्ष।

सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने संयोगवश एक साथ 1996 में इंग्लैंड में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। सौरव गांगुली ने जहां डेब्यू टेस्ट में शतक जड़ा था जबकि राहुल द्रविड़ डेब्यू टेस्ट की दोनों पारियों में शतक के करीब आकर चूक गए थे। दोनों की गिनती भारत के महानतम खिलाड़ियों में होती है। 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ दोनों ही घरेलू क्रिकेट में अपने अपने तरीके से काम कर रहे थे। गांगुली ने जहां क्रिकेट प्रशासन की ओर रुख किया तो द्रविड़ ने युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने की बागड़ोर थाम ली। गांगुली ने जहां बंगाल क्रिकेट बोर्ड की कमान संभालते हुए सफलता के परचम लहराए। वहीं द्रविड़ ने अंडर-19 और इंडिया ए टीम की कोचिंग की जिम्मदारी संभालते हुए युवा पीढ़ी के खिलाड़ियों को तराशा। जिसका असर आज टीम इंडिया की हर मोर्चे पर सफलता के रूप में दिख रहा है। द्रविड़ के कोच रहते भारत की अंडर 19 टीम ने न्यूजीलैंड में पृथ्वी शॉ की कप्तान में खिताब जीता। 

आज दोनों ही खिलाड़ियों के पास भारतीय क्रिकेट को बुलंदियों पर ले जाने का शानदार मौका है। यदि दोनों के बीच प्रशासनिक और प्रशिक्षण के स्तर पर जुगलबंदी होती है तो भारतीय क्रिकेट हर मोर्चे पर अपना परचम लहराने में सफल होगा। 

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