ब्रिस्बेन में नॉथन लॉयन का शिकार बनने के बाद रोहित शर्मा-'नहीं है कोई पछतावा'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 16, 2021, 05:22 PM IST

रोहित शर्मा एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील करने में नाकाम रहे। ऐसे में उन्होंने ब्रिस्बेन में लॉयन का शिकार बनने के बाद सफाई दी है।

ब्रिस्बेन में नॉथन लॉयन का शिकार बनने के बाद रोहित शर्मा-'नहीं है कोई पछतावा'

ब्रिस्बेन: रोहित शर्मा गलत समय पर आउट होने के कारण हो रही अपनी आलोचना को अच्छी तरह समझते है लेकिन भारतीय उप कप्तान को नाथन लॉयन की गेंद पर उस शॉट को खेलने का 'कोई पछतावा' नहीं है और उन्होंने कहा कि यह गेंदबाजों को दबाव में लाने का उनका तरीका है। रोहित 74 गेंद में 44 रन की पारी के दौरान अच्छी लय में दिख रहे थे लेकिन लियोन की गेंद को मिडविकेट पर उठाने की कोशिश में आउट हो गये और यह उसी तरह का शॉट है जो टेस्ट मैचों में शुरू में भी उनके आउट होने का कारण बनता था।

गेंदबाजों पर बनाना चाहता हूं दबाव
रोहित ने दिन का खेल समाप्त होने के बाद वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'आपके पास हमेशा एक योजना होती है और वास्तव में मुझे उस शॉट को खेलने का कोई पछतावा नहीं है। मैं हमेशा गेंदबाजों पर दबाव बनाना चाहता हूं। नाथन लॉयन चतुर गेंदबाज है और उसने मुझे ऐसी गेंदबाजी की जिसमें मेरे लिये गेंद को कुछ ऊपर उठाना मुश्किल हो गया।'

कॉमेंट्रेटर्स ने की हिटमैन की आलोचना
कॉमेंट्री बॉक्स में उनके शॉट चयन की आलोचना की गयी। रोहित अच्छी शुरुआत कर बड़ा स्कोर बना सकते थे जिससे भारत का स्कोर स्टंप तक दो विकेट पर 62 रन हो गया। रोहित निराशा को समझते हैं लेकिन उन्होंने बताया कि उन्होंने इस तरह का स्ट्रोक क्यों खेला। उन्होंने कहा, 'ऐसा नहीं है कि यह (वो शॉट) कहीं से भी आ गया। यह ऐसा शॉट है जो मैं पहले भी अच्छा खेलता रहा हूं। मैं इस शॉट को खेलना चाहता हूं और इस टीम में इसी तरह की भूमिका निभाता हूं। जब ऐसा होता है तो यह खराब दिखता है लेकिन मैं ज्यादा नहीं सोचता क्योंकि मेरा ध्यान इस ओर होता है कि जब मैं क्रीज पर पहुंच जाऊं तो उपयोगी साबित हूं।'

मेरा आउट होना दुर्भाग्यपूर्ण रहा
इस सीनियर खिलाड़ी ने इस शॉट को खेलने के अपने इरादे के बारे में कहा, 'ऐसा कहने का मतलब है कि मैं एक प्रक्रिया का पालन करना चाहता हूं। कभी कभार आप आउट हो जाते हो और कभी कभार यह रस्सी के ऊपर से चला जाता है। लेकिन ईमानदारी से कहूं तो मेरा आउट होना दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद रहा। जैसा कि मैंने कहा कि ये मेरे शॉट हैं और मैं इन्हें खेलना जारी रखूंगा।'

जो टीम चाहेगी वो भूमिका निभाऊंगा
जैसा कि वह हमेशा ही कहते हैं कि उनके पास अपने आलोचकों की बातों पर सोचने के लिये ज्यादा समय नहीं है, वह इसके बजाय ध्यान उस भूमिका पर लगाना चाहेंगे जो उनकी टीम उनसे चाहती है। रोहित ने कहा, 'टीम ने मुझ पर काफी भरोसा दिखाया है। टीम मुझसे जो चाहती है, मुझे वही करना होगा और कहीं भी कुछ होता है, उसके बारे में चिंता नहीं करनी, भले ही लोग कुछ भी बात करते रहें।'

तीन पारी में जड़ पाए हैं एक अर्धशतक
रोहित ने अपनी सभी तीन पारियों में 27 और 52 (सिडनी में) से और यहां 44 रन बनाकर शुरूआत की। उन्होंने सिडनी में और यहां ब्रिसबेन में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों को बखूबी निपटने के लिये तकनीकी सांमजस्य बिठाने के बारे बात करते हुए कहा, 'सिडनी में ज्यादा उछाल नहीं था इसलिये मैं लेग स्टंप की ओर रह रहा था और यहां मैं जानता था कि दो दांहिने हाथ के गेंदबाज (पैट कमिंस और जोश हेजलवुड) किस लाइन एवं लेंथ में गेंदबाजी करेंगे, वे हमेशा आपको ऑफ स्टंप के बाहर करने की कोशिश करते रहते हैं। इसलिये यहां मैं थोड़ा ऑफ स्टंप की ओर था।'

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