बदलेगा इतिहास, 223 साल में MCC को मिलेगी पहली महिला अध्यक्ष

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 25, 2020, 07:44 AM IST

Clare Connor set to become first women President of MCC: इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान क्लेयर कोनोर एमसीसी की पहली महिला अध्यक्ष बनने जा रही हैं।

बदलेगा इतिहास, 223 साल में MCC को मिलेगी पहली महिला अध्यक्ष

लंदन: कोरोना संक्रमण के दौर में पूरी दुनिया में खेलों में बहुत बदलाव हुए लेकिन मेरिलबोन क्रिकेट क्लब यानी एमसीसी के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। एमसीसी के 233 साल पुराने इतिहास में पहली बार कोई महिला क्रिकेट की इस संस्था के अध्यक्ष पद पर काबिज होने जा रही है।

इंग्लैंड की पूर्व कप्तान क्लेयर कोनोर का एमसीसी का नया अध्यक्ष बनना तय हो गया है। वो श्रीलंका के पूर्व कप्तान और मौजूदा अध्यक्ष कुमार संगकारा की जगह लेंगी। कोनोर वर्तमान में इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड(ECB) में महिला क्रिकेट की प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। कोनोर के नामांकन का ऐलान मौजूदा अध्यक्ष कुमार संगकारा ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए हुई एमसीसी की सालाना बैठक में किया।

कोनोर एमसीसी की अध्यक्ष का पद साल अगले साल अक्टूबर में संभालेंगी। लेकिन इसके लिए क्लब के सदस्यों की मंजूरी हासिल करना जरूरी है। कोरोना वायरस महामारी के कारण संगकारा के कार्यकाल को एक साल के लिये और बढ़ा दिया गया था। कोनोर ने खुद को नामांकित किए जाने के बाद कहा, 'मैं एमसीसी के अगले अध्यक्ष पद के लिये नामित किये जाने पर बहुत खुश हूं। क्रिकेट ने मुझे बहुत कुछ दिया है और अब यह सम्मान।'

ऐसा रहा है कोनोर का करियर 
43 वर्षीय कोनोर ने इंग्लैंड के लिए करियर में 16 टेस्ट, 93 वनडे और 2 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेले। बतौर ऑलराउंडर खेलने वाली कोनोर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 1604 रन बनाए और कुल 104 विकेट लिए। उन्होंने साल 1995 में डेनमार्क के खिलाफ वनडे मैच खेलकर अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। जबकि 1995 में ही भारत के खिलाफ हैदराबाद में क्लेयर ने टेस्ट कैप हासिल की थी।

क्लेयर 10 साल तक इंग्लैंड की टीम की सदस्य रही हैं और 6 साल टीम का नेतृत्व भी कहा। उन्होंने साल 2005 में ऑस्ट्रेलिया के इंग्लैंड दौरे पर तीनों फॉर्मेट में अपना आखिरी मैच खेला और इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ एशेज जीतकर कप्तानी करियर का अंत किया था। 30 साल की होने से पहले ही उन्होंने चोट की वजह से अपने करियर समाप्ति की घोषणा कर दी थी। 


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