कंधे पर गेंद लगने पर सचिन को दिया था आउट, 21 साल बाद अंपायर हार्पर ने उस फैसले पर चुप्पी तोड़ी

Sachin Tendulkar controversial shoulder LBW dismissal: 21 साल बाद अंपायर डार्ल हार्पर ने अपने उस फैसले पर चुप्पी तोड़ी है जिसको लेकर पूरी दुनिया में सचिन तेंदुलकर के फैंस आज भी निराश व हैरान हैं।

Sachin Tendulkar Daryl Harper Shoulder before wicket
सचिन तेंदुलकर के विवादित विकेट पर अब बोले अंपायर डार्ल हार्पर  |  तस्वीर साभार: YouTube

मुख्य बातें

  • 1999 में सचिन तेंदुलकर के कंधे पर गेंद लगने पर दिया था LBW का फैसला
  • अब 21 साल बाद अंपायर हार्पर ने अपने उस विवादित फैसले पर चुप्पी तोड़ी है
  • सचिन तेंदुलकर से जुड़ा वो वाकया आज तक किया जाता है याद

नई दिल्ली, 21 जुलाई। क्रिकेट जगत में कुछ किस्से व वाकये ऐसे हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। महान पूर्व भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से जुड़े भी कई ऐसे किस्से हैं जिन्हें आज भी याद किया जाता है। कुछ सुखद यादें थीं तो कुछ किस्से विवादित भी रहे। ऐसा ही एक वाकया 1999 में हुआ था जब आईसीसी के एलीट अंपायरों के पैनल में रहे ऑस्ट्रेलिया के डार्ल हार्पर का एक फैसला विवादित बन गया। सचिन तेंदलुकर को कंधे पर गेंद लगने के बाद एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया गया था जिसको आज भी नहीं भुलाया जा सका है। ये ऐसा फैसला था जिसकी कई दिनों तक चर्चा हुई थी, अब एक बार फिर हार्पर के सामने वो सवाल रखा गया तो उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी।

सचिन तेंदुलकर ने 1999 एडिलेड टेस्ट मैच में ग्लेन मैक्ग्रा की एक शॉर्ट गेंद को रोकने की कोशिश की थी और उससे बचने के लिए वो बैठ गए थे लेकिन गेंद ज्यादा उठी नहीं थी और सचिन के कंधे पर लगी थी। आस्ट्रेलिया ने इस पर अपील की और हार्पर ने सचिन को आउट दे दिया। उस विवादित फैसले को लेकर हमेशा चर्चा होती रही।

'मैं उस फैसले को हर दिन देखता हूं'

एशियानेट न्यूजएबल से बात करते हुए हार्पर ने कहा, 'मैं उस फैसले को अपनी जिंदगी के हर दिन देखता हूं। ऐसा नहीं था कि मैं सोया नहीं था या मुझे बुरे सपने आ रहे थे और मेरे दिमाग में रिप्ले चल रहे थे। जब मैं अपने गैराज से बाहर निकला तो मेरे सामने सचिन और ग्लैन मैक्ग्रा की पेंटिंग थी।' उन्होंने कहा, आप हो सकता है कि इस बात को जानकर दुखी हों कि मुझे अभी भी उस फैसले पर गर्व है क्योंकि मैंने वो चीज देखी, बिना किसी डर के नियम लागू किए।'

सचिन का मानना था वो सही फैसला था?

हार्पर ने कहा कि उस मैच में टीम के विकेटकीपर एमएसके. प्रसाद ने कई वर्षों बाद उनसे कहा था कि सचिन का मानना था कि वह सही फैसला था> उन्होंने कहा, 'सचिन उस समय भारतीय टीम के कप्तान थे और आईसीसी अधिकारी ने मुझसे कहा था कि उन्होंने मैच के बाद मेरे प्रदर्शन का विश्लेष्ण करते हुए उस फैसले को नोट नहीं किया था।

एमएसके प्रसाद का बयान

हार्पर ने कहा, 'दिसंबर-2018 में मैं उस समय के भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद से एडिलेड ओवल मैदान पर खेले जा रहे भारत-आस्ट्रेलिया टेस्ट मैच में लंच के दौरान मिला। उस मैच के बाद हम एक दूसरे से मिले नहीं थे। 20 साल बाद हम उसी खूबसूरत मैदान पर मिले। प्रसाद उस मैच में भारत के विकेटकीपर थे, अपना चौथा टेस्ट मैच खेल रहे थे और छह कैच उन्होंने उस मैच में पकड़े थे। उन्होंने कहा, प्रसाद ने मुझसे कहा था कि..सचिन ने कहा था कि वह आउट हैं..मैंने पुष्टि करते हुए कहा, मुझे भी लगा था कि वह आउट हैं।

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