अहमदाबाद का नारोल इलाका शुक्रवार शाम अचानक दहशत में बदल गया, जब पुरानी दुश्मनी ने सड़क पर खुलेआम हिंसा का रूप ले लिया। एक युवक को न सिर्फ घेरकर पीटा गया, बल्कि उसकी बाइक को आग के हवाले कर दिया गया। पीड़ित समशाद अलाउद्दीन अंसारी (32), जो पेंटिंग का काम करते हैं और पिछले 15 साल से गोसिया पार्क इलाके में परिवार के साथ रह रहे हैं, ने पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया कि 9 अप्रैल की शाम वह अपनी बाइक सर्विस के लिए अलीफनगर गए थे। इसी दौरान इम्तियाज कुरैशी नामक व्यक्ति ने उन्हें रोककर पुराने विवाद को लेकर बहस की।
नारोल में दबंगों का तांडव
अगले दिन, 10 अप्रैल की शाम करीब 5:30 बजे, जब समशाद अपने घर लौट रहे थे, तभी गोसिया पार्क चार रास्ता के पास संजय उर्फ नासीर ने उन पर पत्थर फेंककर बाइक रुकवाई। इसके बाद संजय और उसका भाई निसार उर्फ अंधो वहां पहुंचे और पुरानी रंजिश के चलते गाली-गलौच शुरू कर दी। जब समशाद ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। लात-घूंसों से पीटते हुए उन्हें जमीन पर गिरा दिया गया। इस दौरान निसार लकड़ी का डंडा लाकर उनके पेट पर वार करने लगा। किसी तरह जान बचाकर समशाद वहां से भागे और अपने घर में जाकर खुद को बंद कर लिया।
लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ।
समशाद ने ऊपर से देखा कि आरोपी उनके दोस्त की काली बजाज एवेंजर (GJ 27 A 7888) बाइक को डंडों और पत्थरों से तोड़ रहे थे। कुछ ही देर में संजय, निसार और उनके साथियों ने बाइक पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे आग लगा दी। आरोप है कि इसके बाद भी आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने घर के दरवाजे पर पत्थर और डंडों से हमला किया और धमकी दी “नीचे आए तो जान से मार देंगे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सभी आरोपी फरार हो चुके थे। इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है। एक मामूली पुरानी रंजिश किस तरह खुलेआम हिंसा और आगजनी में बदल सकती है, इसका यह मामला एक और उदाहरण बन गया है। पुलिस ने संजय उर्फ नासीर, निसार उर्फ अंधो, बाबू, मौरलो और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
