दिल्ली मेट्रो की वेबसाइट के अनुसार फिलहाल दिल्ली मेट्रो के पास कुल 289 स्टेशन हैं और इसका नेटवर्क 394 किमी से अधिक लंबा है।
जी हां, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ड्राइवर लेस ट्रेन भी चलाता है। यह ट्रेनें कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिग्नलिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर चलती हैं।
DMRC की वेबसाइट के अनुसार दिल्ली मेट्रो के पास फिलहाल 4, 6 और 8 कोच वाली कुल 300 से ज्यादा ट्रेन सेट हैं।
दिल्ली मेट्रो के सबसे व्यस्त स्टेशन की बात करें तो वह कनॉट प्लेस में मौजूद राजीव चौक स्टेशन है। यहां पर नोएडा/गाजियाबाद को द्वारका से जोड़ने वाली ब्लू लाइन और समयपुर बादली को गुरुग्राम से जोड़ने वाली येलो लाइन का इंटरचेंज है।
दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क में एलिवेटेड के साथ ही अंडरग्राउंड स्टेशनों की भी भरमार है। तमाम अंडरग्राउंड स्टेशनों में सबसे गहराई में मौजूद स्टेशन का नाम हौज खास है।
दिल्ली मेट्रो का सबसे बड़ा स्टेशन कश्मीरी गेट है। यह एक बड़ा इंटरचेंज है, जहां पर तीन लाइनें मिलती हैं। यह स्टेशन कुल 1 लाख, 18 हजार, 400 स्क्वायर फीट में फैला है।
दिल्ली की पहली रेड लाइन, येलो लाइन और वायलेट लाइन के लिए यहां प्लेटफॉर्म मौजूद हैं। यह अनोखा स्टेशन है, जहां मेट्रो अंडरग्राउंड भी चलती है और एलिवेटेड लाइन पर भी चलती है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन एक कंपनी के तौर पर 3 मई 1995 को रजिस्टर्ड हुई थी। दिल्ली मेट्रो में भारत सरकार और दिल्ली सरकार की बराबर की हिस्सेदारी है।