यह है असम का सबसे बड़ा शहर, 'उत्तर-पूर्व के प्रवेश द्वार' के नाम से भी है मशहूर

भारत के हर शहर की अपनी एक अलग पहचान है, जो उसकी संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली में झलकती है। देश के अलग-अलग हिस्सों की यही विविधता भारत को खास बनाती है। इसी क्रम में आज हम आपको असम के सबसे बड़े शहर के बारे में बताएंगे, जिसे उत्तर-पूर्व का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है।

Largest City in Assam: भारत का हर शहर अपनी किसी न किसी खासियत की वजह से जाना जाता है। कहीं की संस्कृति अपनी पहचान बनाती है तो कहीं का खान-पान लोगों के दिलों में बस जाता है। जैसे वाराणसी अपनी आध्यात्मिकता और घाटों के लिए प्रसिद्ध है, वहीं जयपुर गुलाबी रंग की भव्य हवेलियों और ऐतिहासिक इमारतों के कारण ‘पिंक सिटी’ कहलाता है। मुंबई को सपनों का शहर कहा जाता है, जहां हर कोई अपने भविष्य को संवारने आता है, जबकि कोलकाता अपनी कला, साहित्य और मिठाइयों के लिए जाना जाता है। दक्षिण भारत के शहर अपनी पारंपरिक विरासत और तकनीकी विकास के संतुलन के लिए प्रसिद्ध हैं। हर शहर की बोली, पहनावा और जीवनशैली उसे खास बनाती है। अगर बात उत्तर पूर्वी राज्यों की करें को यह भी किसी से कम नहीं है। आज इस कड़ी में हम आपको असम के सबसे बड़े शहर के बारे में बताएंगे जिसे 'उत्तर-पूर्व के प्रवेश द्वार' (Gateway to the North-East) के नाम से भी जाना जाता है।

Assam ka Sabse Bada Shehar

जानिए असम का सबसे बड़ा शहर कौन सा है?

सात बहनों की भूमि

उत्तर-पूर्व भारत, जिसे आमतौर पर “सात बहनों की भूमि” (Land of Seven Sisters) कहा जाता है, देश का सबसे पूर्वी हिस्सा है। यह क्षेत्र अपनी विविध संस्कृतियों, अनेक समुदायों और विभिन्न धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। वर्तमान में इसमें कुल 8 राज्य शामिल हैं जिनमें अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा हैं, जिन्हें मिलाकर “सात बहनें” कहा जाता है, जबकि सिक्किम को इनका “भाई” माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इन राज्यों को यह नाम इसलिए मिला क्योंकि ये एक-दूसरे पर काफी हद तक निर्भर रहते हैं और आपसी संबंधों से जुड़े हुए हैं।

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