उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार देर रात 40 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस व्यापक तबादले में 15 जिलों के जिलाधिकारी (DM) और पांच जिलों के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) भी शामिल हैं, जिससे राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल
सरकार के आदेश के अनुसार, उन्नाव के डीएम गौरांग राठी को झांसी का जिलाधिकारी बनाया गया है, जबकि लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल (Durga Shakti Nagpal) को देवीपाटन मंडल का कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वहीं, देवीपाटन मंडल के कमिश्नर शशि भूषण लाल सुशील को प्रमुख सचिव MSME और निर्यात प्रोत्साहन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यही नहीं, कई जिलों में नए DM की तैनाती की गई है। इंद्रजीत सिंह को सुल्तानपुर, कुमार हर्ष को बुलंदशहर, अन्नपूर्णा गर्ग को श्रावस्ती, आलोक यादव को शामली और अरविंद कुमार चौहान को सहारनपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। नितिन गौड़ को अमरोहा, अभिषेक गोयल को हमीरपुर, सरनीत कौर ब्रोका को रायबरेली और निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर का डीएम बनाया गया है।
वहीं, मैनपुरी के डीएम अंजनी कुमार सिंह को लखीमपुर खीरी, औरैया के डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को मैनपुरी तथा मुख्यमंत्री के विशेष सचिव बृजेश कुमार को औरैया का DM बनाया गया है। सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल को आगरा और आगरा के डीएम अरविंद मल्लप्पा बांगरी को मुख्यमंत्री Yogi Adityanath का विशेष सचिव बनाया गया है।
ऊर्जा, परिवहन और शिक्षा विभागों में भी कई अहम बदलाव किए गए हैं। आशुतोष निरंजन को परिवहन आयुक्त और किंजल सिंह को सचिव माध्यमिक शिक्षा बनाया गया है। साथ ही, विभिन्न विभागों में कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
सीडीओ स्तर पर भी राज्य में बड़े बदलाव किए गए हैं। अमेठी, झांसी, हापुड़, बहराइच और बदायूं समेत कई जिलों में नए मुख्य विकास अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को सरकार की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
