उत्तर प्रदेश में योगी सरकार 2.0 के मंत्रिमंडल विस्तार (UP Cabinet Expansion) की हलचल के बीच कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने प्रदेश की सियासत में 'तूफान' खड़ा कर दिया है। रविवार दोपहर जब राजभवन में शपथ ग्रहण की तैयारियां अंतिम चरण में थीं, ठीक उसी समय बृजभूषण शरण सिंह ने अपने 'X' हैंडल पर एक ऐसी शायरी साझा की, जिसे सीधे तौर पर उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।
बृजभूषण शरण सिंह का पोस्ट वायरल (फाइल फोटो)
बृजभूषण का वह पोस्ट जो बना चर्चा का विषय
बृजभूषण शरण सिंह ने लिखा: "शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख पर बैठे हो वो टूट भी सकती है।" यूपी के राजनीतिक गलियारों में इस पोस्ट के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि यह भाजपा नेतृत्व के लिए एक परोक्ष संकेत है।
बेटे प्रतीक भूषण को जगह न मिलने का मलाल?
राजनीतिक विशेषज्ञों का दावा है कि बृजभूषण शरण सिंह अपने विधायक बेटे प्रतीक भूषण शरण सिंह का नाम संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल न होने से आहत हैं। दरअसल, पिछले कई दिनों से चर्चा चल रही थी कि मंत्रिमंडल विस्तार में ठाकुर चेहरे के रूप में गोंडा से विधायक प्रतीक भूषण को जगह मिल सकती है। बृजभूषण शरण सिंह का दबदबा देवीपाटन मंडल और आसपास की कई सीटों पर माना जाता है, ऐसे में उन्हें उम्मीद थी कि इस विस्तार में उनके परिवार को प्रतिनिधित्व मिलेगा।
जातीय समीकरण साधने में जुटी भाजपा
बता दें कि आज दोपहर 3:30 बजे होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह में कुल आठ मंत्री शपथ ले सकते हैं। भाजपा की रणनीति इस विस्तार के जरिए 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की है। पार्टी का मुख्य ध्यान ब्राह्मण, जाट, दलित, पासी, लोधी और अति पिछड़े वर्ग को साथ लाने पर है। चर्चा है कि मनोज पांडेय (ब्राह्मण), भूपेंद्र चौधरी (जाट), कृष्णा पासवान (दलित), कैलाश राजपूत (लोधी), सुरेंद्र दिलेर (दलित), और हंसराज विश्वकर्मा (ओबीसी) जैसे चेहरे योगी टीम का हिस्सा बनने जा रहे हैं।
कुछ मंत्रियों का बढ़ सकता है कद
खबर यह भी है कि मंत्रिमंडल में केवल नए चेहरे ही शामिल नहीं होंगे, बल्कि कुछ वर्तमान राज्य मंत्रियों को उनके अच्छे कामकाज के आधार पर प्रमोट कर कैबिनेट या स्वतंत्र प्रभार का दर्जा दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम को ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर नामों की सूची सौंप दी थी। बृजभूषण शरण सिंह के इस पोस्ट ने यह साफ कर दिया है कि भले ही राजभवन में जश्न की तैयारी हो, लेकिन संगठन के भीतर 'सब कुछ ठीक है' वाली स्थिति फिलहाल नजर नहीं आ रही है।
